निघासन कांड: पीड़ित परिवार फैसले से असंतुष्ट, कहा- दोषियों को मिले फांसी की सजा; हाईकोर्ट में करेंगे अपील

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Nighasan case Victim family will appeal in the High Court demanding death sentence for the culprits

निघासन कांड के दोषियों को लेकर जाती पुलिस
– फोटो : अमर उजाला

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लखीमपुर खीरी के निघासन कांड में पीड़ित परिजन ने अदालत के फैसले पर असंतुष्टि जताई है। मृतक नाबालिग बहनों के भाई ने बताया कि सभी छह आरोपियों ने उनकी बहन के साथ दरिंदगी की थी। अदालत ने सिर्फ सुनील उर्फ छोटू व जुनैद को ही उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि करीमुद्दीन और आरिफ को छह-छह साल की सजा हुई है। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि सभी छह आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। हम हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

परिजनों ने कहा कि विवेचना में एससी एसटी की धारा भी हटाई गई है। वह किस लिये हटाई गई है, यह भी वे पुलिस अफसरों से पूछना चाहते हैं। धारा 34 भी हटा दी गई है, सभी आरोपियों से धारा 34 हटाई गई है। जबकि, एक इरादे से आपराधिक कृत्य को अंजाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि हम अनुसूचित जाति के नहीं हैं तो कौन हैं ? कहा कि कोर्ट से गुजारिश करते हैं कि उन्हें बताया जाए कि एससी एसटी की धारा क्यों हटाई गई है। यही मांग है कि सभी छह लोगों को फांसी हो। इसके लिएअब वह हाई कोर्ट में जाएंगे। 

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शासन प्रशासन से भी नहीं मिली मदद

मृतक बहनों के भाई व पीड़ित परिवार ने बताया कि वारदात के बाद शासन और प्रशासन ने उनके साथ सहानुभूति तो जताई मगर अपना वादा भूल गए। कहा कि 25 लाख रुपये देने का जो प्रशासन ने वादा किया था वह भी पूरा नहीं किया गया है।

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