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कृष्णानगर में भूस्खलन।
– फोटो : संवाद
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राजधानी शिमला में बारिश थमने के बाद भी कुदरत का कहर जारी है। कृष्णानगर में भूस्खलन की चपेट में आकर चंद पलों में आखों के सामने लोगों के आशियाने जमींदोज हो गए। देखते ही देखते पूरा मोहल्ला ही धंस गया। कृष्णानगर के विष्णु मंदिर क्षेत्र में मंगलवार दोपहर को करीब 12 बजे ही दरारें आनी शुरू हो गईं थीं।
पार्षद बिट्टू कुमार यहां पर दौरा करने पहुंचे और गिरने की कगार पर खड़े दो पेड़ों को काटने के आदेश दिए थे। नगर निगम शिमला के जेई भी उनके साथ मौके पर थे। स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने यहां लोगों को मकान खाली करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद लोगों ने अपने आशियाने खाली कर दिए थे।
शाम को करीब 4 बजे यहां पर भारी भूस्खलन हुआ। चंद पलों में सात से आठ मकान तबाह हो गए। इनमें कुछ मकान दो और तीन मंजिल के भी थे। 2014 में 28 करोड़ की लागत से बना नगर निगम शिमला का इकलौता स्लॉटर हाउस भी भूस्खलन में जमींदोज हो गया।
स्लॉटर हाउस में काम कर रहे दो युवक भूस्खलन में दब गए। दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मंगलवार को शिमला में करीब एक दर्जन वाहन भूस्खलन की चपेट में आए हैं। वहीं करीब 30-40 पेड़ गिरे हैं।
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