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वृंदावन हादसा
– फोटो : अमर उजाला
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यूपी के मथुरा जिले के वृंदावन में एक जर्जर मकान के ढहने से उसके मलबे में दबकर पांच श्रद्धालुओं की मौत ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे के पीछे जितना जिम्मेदार जर्जर मकान का मालिक है, उससे ज्यादा जिम्मेदार नगर निगम और विकास प्राधिकरण हैं।
दरअसल, वृंदावन की कुंज गलियों मं दशकों पुराने मकान हैं। इनमें अधिकांश की स्थिति काफी जर्जर है। हैरानी भरी बात यह है कि जिन कुंज गलियों में देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु आते हैं, उनमें मकान मौत बनकर खड़े हैं। इन मकानों के मालिकों को नोटिस भी जारी हो चुके हैं।
मगर, नोटिस देने के बाद नगर निगम और विकास प्राधिकरण ने मकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। स्वतंत्रता दिवस की शाम को जैसे ही हादसा हुआ, जिले से लेकर शासन तक में हड़कंप मच गया।
अब जिला प्रशासन कह रहा है कि पूर्व से चिन्हित जर्जर मकानों को ध्वस्त कराया जाए। इसके अलावा नये सिरे से सर्वे कराते हुए अन्य जर्जर मकान भी चिन्हित किए जाएंगे।
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