Hathras: 10 ग्राम पंचायत अधिकारियों का वेतन रोका, 13 ग्राम विकास अधिकारियों के रोकने की संस्तुति

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Salary of 10 gram panchayat officers stopped

हाथरस विकास भवन
– फोटो : अमर उजाला

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हाथरस में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ओडीएफ मॉडल प्लस ग्राम घोषित न किए जाने , डोर टू डोर कचरा संग्रहण कार्य न कराए जाने सहित तमाम कार्यों में लापरवाही पर डीपीआरओ सुबोध जोशी ने 10 ग्राम पंचायत अधिकारियों को वेतन रोकने की कार्रवाई की है। वहीं 13 ग्राम विकास अधिकारियों के वेतन रोकने के लिए डीडीओ को संस्तुति की है। इस कार्रवाई से ग्राम पंचायत सचिवों में खलबली मच गई है।

 

विभागीय समीक्षा के दौरान सामने आया कि ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा मॉडल ग्राम घोषित किए जाने के संबंध में ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देश दिए गए थे। हैरानी की बात यह रही कि ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा अपनी तैनाती वाली ग्राम पंचायतों में डोर टू डोर कचरा संग्रहण कार्य नहीं कराया गया। निर्मित एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन केंद्र को भी क्रियाशील नहीं किया गया है। यहां तक कि ओडीएफ प्लस मॉडल श्रेणी में ग्राम को घोषित किए जाने में भी रुचि नहीं ली जा रही है। 

उक्त लापरवाही के मामले में डीपीआरओ सुबोध जोशी ने ग्राम सियमल, बर्द्धवारी, ऐचोरा सहादतपुर, नगला जलाल, पिपलगावां, जाफराबाद, राजपुर, बरवाना, नगरिया पट्टी देवरी, बरामई नगला विजन, खोडा, रामपुर, लुटसान, सुमरतगढ़ी, झगरार, कुरसंडा के ग्राम विकास अधिकारी के माह अगस्त का वेतन रोकने की संस्तुति की है। वहीं ग्राम पटाखास, बढानू, छौंकरा, मीरपुर, बरई शाहपुर , अंडौली, धाधऊं, गुतहरा, नगला सिंह, समामई रुहल, मिढ़ावली, नौगवां के ग्राम पंचायत अधिकारी को माह अगस्त का वेतन रोकने की कार्रवाई की है।

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