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सांबा: सरोर टोल पर प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू के साथ लगते सांबा जिले के सरोर क्षेत्र में लगे टोल प्लाजा को बंद करवाने के लिए युवा राजपूत सभा की तरफ से शुरु किए गए आंदोलन ने सोमवार को व्यापक रूप धारण कर लिया। इसे आम लोगों का भरपूर समर्थन मिला। बड़ी संख्या में लोगों के टोल पर पहुंचने की पूर्व सूचना पर प्रशासन पहले से ही अलर्ट हो गया और सुबह ही टोल प्लाजा पर पुलिस बल तैनात कर दिया।
भारी सुरक्षाबलों की तैनाती के बीच 500 से ज्यादा युवाओं ने दोपहर 12 बजे हाईवे के दोनों तरफ लगे टोल पर कब्जा कर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क पर जाम लगा तो प्रशासन ने कठुआ से जम्मू की ओर जाने वाले वाहनों को रिंग रोड से निकाला। हालांकि बाद में युवा राजपूत सभा के सदस्यों ने एलान किया कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे और वाहनों की आवाजाही को प्रभावित नहीं होने देंगे। इसके बाद सभा के सदस्यों ने वाहनों को बिना टोल के ही प्लाजा से गुजारा।
उन्होंने कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता वह यहां से हिलने वाले नहीं हैं। सभा की तरफ से कहा गया कि रातभर वह टोल पर ही डटे रहेंगे। सनद रहे कि युवा राजपूत सभा के सदस्यों ने जम्मू-कश्मीर शासन से मांग उठाई थी कि टोल को बंद किया जाए। उनका तर्क था कि एक्सप्रेस-वे का काम चला होने के चलते पूरा मार्ग टूट गया है।
तरनाह नाले के पुल को नुकसान होने से वाहनों को सांबा-कठुआ ओल्ड बार्डर रोड से भेजा जा रहा है, ऐसे में टोल का कोई औचित्य नहीं बनता। युवा राजपूत सभा के सदस्यों ने उपायुक्त और एसएसपी के साथ बैठक कर उन्हें भी अपनी मांग से अवगत करवाया था और फैसला लेने के लिए सोमवार तक का समय दिया था। उधर, प्रशासन ने रात साढ़े दस बजे धारा 144 लगाई। धरने से नहीं उठने पर 30 लोगों को हिरासत में लेकर टोल खुलवाया।
रैली के रूप में ट्रैक्टरों और अपने वाहनों से टोल तक पहुंचे
टोल हटवाने की मांग को लेकर युवा राजपूत सभा ने पहले से ही आंदोलन का रूप अख्तियार कर लिया था। सुबह से ही युवा वर्ग कस्बे के मुख्य चौक पर एकत्रित होना शुरू गया था। रैली की शक्ल के रूप में युवा सांबा से रवाना हुए। युवा राजपूत सभा के सदस्य ट्रैक्टर और अपने वाहनों से टोल प्लाजा तक पहुंचे। रास्ते में जिला पुलिस के जवानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं रुके। रैली की अगुवाई लक्की सिंह और बाबर सिंह ने की। सांबा से सरपंच रविन्द्र सिंह, सुक्रीव सिंह, राजीव सिंह, सरपंच कृष्ण लाल, सरपंच विनोद कुमार, सरपंच सोमनाथ, सरपंच प्रवीण चौधरी, पूर्व सरपंच रीना चौधरी, नेकां नेता मोहिन्द्र सिंह अलग रैली में सरोर टोल प्लाजा पहुंचे और जम्मू-कश्मीर शासन पर भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जम्मू से डोगरों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है।
लिखित आश्वासन पर अड़े, हटने के लिए किसी अधिकारी की बात नहीं मानी
जिला उपायुक्त सांबा अभिषेक शर्मा ने धरने पर बैठे युवाओं से कहा कि वह हाईवे को खाली कर दें ताकि वाहन चालकों को परेशानी न आए। इस पर युवा राजपूत सभा के सदस्यों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वाहनों को रोकने की उनकी कोई योजना नहीं है। उनका मकसद टोल को बंद करवाना है। भारी संख्या में जिला पुलिस, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एसएसी के जवान टोल प्लाजा पर तैनात रहे ताकि कोई अनहोनी घटना न हो। इस अवसर पर डीआईजी जम्मू, सांबा कठुआ रेंज शक्ति पाठक ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें एलजी के आश्वासन पर विचार कर लेना चाहिए था, लेकिन युवा लिखित आश्वासन पर अड़े रहे।
गद्दे मंगवाए, टोल पर ही पक्के धरने के लिए लगाने शुरू किए टेंट
युवाओं ने धरने से नहीं हटने का मन बनाने के बाद शाम ढलते ही गद्दे मंगवा लिए और सड़क पर बैठ गए। इसके साथ ही टेंट के लिए भी आर्डर दे दिया गया। सभा के सदस्यों ने बताया कि उनकी मांग नहीं मानने तक पक्का धरना लगा रहेगा और यहीं टेंट गाड़कर वह रुकेंगे। हर रोज गाड़ियों को बिना टोल निकाला जाएगा। बता दें कि सरोर टोल की रोजाना की क्लेक्शन 20 से 25 लाख रुपये रहती है जो सोमवार को आधी भी नहीं हो पाई।
टोल प्लाजा हटाने के हेड क्वार्टर से नहीं मिले आदेश- एनएचएआई
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय अधिकारी शिव शंकर के अनुसार सरोर टोल प्लाजा को हटाने का हेडक्वार्टर से अभी कोई आदेश नहीं मिला है। धरना प्रदर्शनों पर पुलिस और प्रशासन अपना काम कर रहा है। अगर हेड क्वार्टर से कोई केंद्रीय टीम टोल की समीक्षा के लिए आएगी, तो उसी के मुताबिक कोई फैसला लिया जाएगा।
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