Uttarakhand: पुरोला टौंस वन प्रभाग में हरे पेड़ काटने का मामला, डीएफओ, एसडीओ और तीन रेंजर सस्पेंड, आदेश जारी

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Dehradun DFO SDO and three rangers suspended in Case of cutting green trees in Purola Towns Forest Division

सस्पेंड
– फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

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उत्तरकाशी जिले के पुरोला टौंस वन प्रभाग में देवदार के हरे पेड़ों को काटे जाने के मामले में धामी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएफओ, एक प्रभारी एसडीओ और तीन रेंजरों को सस्पेंड कर दिया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के बाद प्रमुख सचिव वन ने इसके आदेश जारी किए हैं। इस मामले में अमर उजाला ने 14 अगस्त को पुरोला में भी चलीं देवदार के पेड़ों पर आरियां शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।

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टौंस वन प्रभाग में वन विकास निगम को जारी किए गए लॉट में 788 आवंटित सूखे पेड़ों की आड़ में 108 अतिरिक्त हरे पेड़ काटे गए थे। मामला उजागर होने पर प्रमुख वन संरक्षक ने जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएफओ समेत तमाम अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। जिससे बुधवार को प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने डीएफओ सुबोध काला, प्रभारी एसडीओ विजय सैनी, सांद्रा रेंज में तैनात रेंजर रामकृष्ण कुकसाल, कोटीगाड़ रेंज के रेंजर गोविंद सिंह चौहान और देवता रेंज के प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र मोहन जुंवाड़ा को भी निलंबित किया गया है। उप वन संरक्षक कुंदन कुमार को टौंस वन प्रभाग में प्रभागीय वनाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुंदन हल्द्वानी में तैनात थे।

डीएफओ काला को नैनीताल और एसडीओ सैनी को शिवालिक वृत्त देहरादून में अटैच किया गया है। रामकृष्ण को पिथौरागढ़ और चौहान को चंपावत कार्यालय में अटैच किया गया है। इसके अलावा वन विकास निगम के एमडी की ओर से तत्कालीन डीएलएम रामकुमार सहित आठ अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के आदेश एक दिन पहले जारी किए जा चुके हैं।

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