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वेंकटकृष्णन ने कहा, भारत और चीन भी समान ताकत बन रहे हैं, लेकिन उनके स्वभाव के कारण कोई भी उनके (चीन) साथ तालमेल नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि अन्य देश ‘अब केवल अंतरिक्ष के कारण’ भारत के साथ सहयोग और मित्रता कर रहे हैं. वेंकटकृष्णन ने कहा, हम अब महाशक्ति बन रहे हैं. यह वास्तव में भविष्य में सभी मिशन में बढ़े हुए समर्पण और उत्साह के साथ बहुत बड़े पैमाने पर हमारी मदद करेगा.
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