स्मृति का राहुल पर सीधा हमला: कहा- भागने का इतिहास मेरा नहीं उनका, 2014 में मुलायम की वजह से हुई थी जीत

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Smriti Irani attacks Rahul Gandhi, says he ran away from Amethi

कैबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी व कांग्रेस नेता राहुल गांधी।
– फोटो : amar ujala

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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को गांधी परिवार पर सीधा हमला बोला। राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर  उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी का अधिकार है, वो कहीं से भी लड़े। दो जगह से चुनाव लड़ने के प्रश्न पर स्मृति ईरानी ने  कहा कि भागने का इतिहास मेरा नहीं राहुल गांधी का रहा है। उन्होंने कहा कि अमेठी में गांधी परिवार ने हमेशा मोदी व योगी की सरकार विरोध किया है। मोदी-योगी राज में अमेठी लोकसभा क्षेत्र साढ़े सात लाख लोगों को मुफ्त का अनाज मिलता है। क्या गांधी परिवार को लगता है कि अमेठी का गरीब परिवार मुफ्त का अनाज छोड़ देगा सिर्फ इसलिए कि गांधी परिवार पनप सके। क्या गांधी परिवार को लगता है कि पांच लाख किसान अपना छह हजार रुपये सालाना छोड़ देगा, 90 हजार परिवार अपना घर त्याग देंगे कि गांधी परिवार का घर बस सके।

अमेठी के लोगों पर की अभद्र टिप्पणी 

 राहुल पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अमेठी छोड़ा, तब जाकर दक्षिण में अमेठी के नागरिकों के बारे में अभद्र टिप्पणी की। कहा कि अमेठी के लोगों का विवेक मर चुका है, जो लोग वोटर को राक्षस कहते हैं, आपको लगता है कि अमेठी की जनता ऐसे लोगों को स्वीकार करेगी। उन्होंने कहा कि अमेठी की जनता अपने आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं करेगी। यही नहीं, एक सवाल के जवाब में कहा कि वह अपनी पार्टी के मालिक है और मैं अपनी पार्टी की कार्यकर्ता। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश का चुनाव नये संकल्पों का चुनाव है। चंद्रयान की सफलता को देखा है। राष्ट्र में उत्साह का माहौल देखा है। 

मुलायम की वजह से जीते 2014 का चुनाव 

एक सवाल के जवाब में सांसद ने कहा कि वर्ष 2014 में पहला चुनाव लड़ा था। उस वक्त हालात यह थे कि हम 60 फीसद बूथों पर बस्ता तक नहीं बांट पा रहे थे। उस वक्त सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने एक इंटरव्यू में कहा था कि सोनिया गांधी ने उनसे कहा था कि एक लाख वोट बेटे के लिए ट्रांसफर कर दें। उस चुनाव में एक लाख सात हजार का अंतर आया था। इसका मतलब है कि अगर उस वक्त मुलायम सिंह यादव मदद नहीं करते तो राहुल गांधी से मुझे मिले मतों का अंतर महज सात हजार ही था। 

 वह भी तब जब हमारे पास सिर्फ 30 दिन का ही समय मिला था। उन्होंने कहा कि हारने के बाद भी हम क्षेत्र में रहे। काम करते रहे। 2019 के चुनाव में जनता ने हमारी सेवा को स्वीकार किया। आज जिला पंचायत से लेकर हर क्षेत्र में पार्टी मजबूत है। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में पांच में से चार में कांग्रेस की जमानत तक जब्त हो गई। इतिहास में पहली बार कांग्रेस का अध्यक्ष हारा था, वह भी एक सामान्य से भाजपा कार्यकर्ता से। यह एक बड़ी बात थी। 

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