“CM स्टालिन चुप क्यों हैं?” महिलाओं पर DMK नेता के अमर्यादित टिप्पणी पर बोलीं खुशबू सुंदर

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चेन्नई. तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) नेता और सांसद कनिमोझी ने अपने पार्टी पदाधिकारी सैदाई सादिक की ओर से फिल्म अभिनेत्री खुशबू से माफी मांगी है. बीजेपी नेता व फिल्म अभिनेत्री खुशबू सुंदर (Khushbu Sundar) सहित अन्य महिला नेताओं पर एक डीएमके नेता ने अमर्यादित टिप्पणी की थी. हालांकि, खुशबू ने मुख्यमंत्री स्टालिन से एक्शन लेने की मांग की है. उन्होंने एमके स्टालिन को टैग कर ऐसी टिप्पणियों पर सवाल करते हुए कहा, ‘मुख्यमंत्री स्टालिन (MK Stalin ) की पार्टी डीएमके में महिलाओं के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाता है क्या? क्या वह महिलाओं के अपमान पर कुछ कार्रवाई करेंगे? क्या एमके स्टालिन चुप क्यों हैं?’

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दरअसल, डीएमके के नेता सैदाई सादिक ने बीजेपी की महिला नेताओं के लिए अपमानजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने एक कार्यक्रम में बीजेपी की महिला नेताओं को ‘आइटम’ कहा था. विवाद होने पर सादिक ने माफी मांगते हुए कहा कि उनका मकसद किसी को चोट पहुंचाना नहीं था. इस दौरान सादिक ने बीजेपी नेताओं पर भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु बीजेपी प्रमुख अन्नामलाई ने डीएमके के मंत्रियों को सूअर और जानवर कहा. उन्होंने पत्रकारों की तुलना बंदरों से की. ये भाजपा नेता इस पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं?


बीजेपी की महिला नेताओं पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने ट्विटर पर डीएमके पर निशाना साधा था. उन्होंने अपने ट्वीट में सांसद कनिमोझी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को भी टैग किया था. जिसके बाद कनिमोझी ने सैदाई सादिक की ओर से माफी मांगी थी.

खुशबू सुंदर ने साधा DMK पर साधा निशाना

खुशबू सुंदर ने ट्वीट कर DMK को आड़े हाथ लिया था. उन्होंने कहा था, ‘जब पुरुष महिलाओं को गाली देते हैं, तब लोग कहते हैं कि उनकी किस तरह की परवरिश हुई है और वे किस जहरीले वातावरण में पले-बढ़े हैं. ये पुरुष एक महिला के गर्भ का अपमान करते हैं. ये अपने आप को कलैगनार का अनुयायी बताते हैं. क्या यही सीएम स्टालिन का द्रविड़ मॉडल है?’ 

बीजेपी ने DMK सरकार को घेरा

भारतीय जनता पार्टी के राज्य उपाध्यक्ष नारायणन तिरुपति ने द्रमुक सरकार को घेरते हुए कहा कि आश्चर्य है कि क्या केवल माफी और टिप्पणी से गलत को सही किया जा सकता है. पुलिस को उस व्यक्ति को महिला उत्पीड़न अधिनियम के तहत गिरफ्तार करना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के तौर पर स्टालिन की जिम्मेदारी है कि वह आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दें. अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो कनिमोझी की माफी को नाम के लिए माना जाएगा. बीजेपी उपाध्यक्ष ने कनिमोझी से सैदाई सादिक को पार्टी से निकालने की मांग की है.

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