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शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत
– फोटो : अमर उजाला
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पिछले अकादमिक सत्र की शुरुआत में बड़े-बड़े दावे करने वाले प्रदेश के राज्य व केंद्रीय विवि की सुस्ती ने हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। न तो वे पीजी में अपने राज्य या बाहरी विश्वविद्यालयों में दाखिला ले पा रहे हैं और न ही आयु सीमा से जुड़ी सीडीएस जैसी भर्तियों में शामिल हो पा रहे हैं।
रिजल्ट समय से न आने की वजह से उनकी छात्रवृत्ति भी अटक रही है। ये हाल तब है जबकि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत प्रदेश में एक प्रवेश, एक सत्र, एक परीक्षा के निर्देश दे चुके हैं। विवि के हालात, छात्रों के नुकसान पर एक रिपोर्ट।
गढ़वाल केंद्रीय विवि: गढ़वाल विश्वविद्यालय ने अपने अकादमिक कैलेंडर में परीक्षाओं का जिक्र तो नहीं किया लेकिन ये नियम बनाया हुआ है कि पीजी दाखिलों के समय यूजी अंतिम वर्ष के रिजल्ट होने चाहिएं। अब पीजी के दाखिले शुरू हो चुके हैं, लेकिन स्नातक की अंतिम परीक्षाओं के बाद अभी तक प्रैक्टिकल चल रहे हैं। रिजल्ट का कोई ठिकाना नहीं है।
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