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पेपर लीक मामला
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में नामजद मुख्य आरोपी उमा आजाद, उसके बेटे निखिल आजाद और दलाल संजीव कुमार की जमानत पर जिला सत्र न्यायालय अब 2 सितंबर को फैसला सुनाएगा। इन तीनों की जमानत अर्जी पर बहस की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई है। न्यायालय ने 2 सितंबर को फैसले की तारीख तय की है। जिला सत्र न्यायालय में आरोपियों की जमानत को लेकर बचाव और अभियोजन पक्ष के बीच लंबी बहस हुई।
23 दिसंबर 2022 को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर की टीम ने कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से आयोजित होने वाली पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी के पेपर लीक होने का पटाक्षेप किया था। विजिलेंस टीम ने इस मामले में हाउसिंग बोर्ड हमीरपुर स्थित आवास से चयन आयोग की गोपनीय शाखा में सेवारत वरिष्ठ सहायक उमा आजाद, उसके बेटे निखिल आजाद, नौकर नीरज कुमार और दलाल संजीव कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके कुछ दिन बाद विजिलेंस ने उमा के बड़े बेटे नितिन आजाद को भी गिरफ्तार किया था।
नौकर नीरज कुमार को जमानत मिल चुकी है, जबकि शेष चारों आरोपी अभी तक न्यायिक हिरासत में हैं। नितिन आजाद की जमानत पर सुनवाई के बाद गत दिवस प्रदेश उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब उमा आजाद, निखिल और संजीव कुमार की जमानत अर्जी पर सोमवर को जिला सत्र न्यायालय हमीरपुर में सुनवाई पूरी हो गई है, अब 2 सितंबर को जमानत पर न्यायालय का फैसला आएगा। उधर, एसपी विजिलेंस राहुल नाथ ने कहा कि सोमवार को जिला सत्र न्यायालय में उमा, निखिल आजाद और दलाल संजीव कुमार की जमानत अर्जी पर बचाव और अभियोजन पक्ष के बीच बहस की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब न्यायालय ने इस मामले में 2 सितंबर को फैसला सुनाएगा।
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