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राखी पर्व पर सजे मिठाइयों के स्टॉल।
– फोटो : संवाद
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भारी बारिश और भूस्खलन से चौपट पड़े कारोबार में राखी के त्योहार ने रौनक लौट दी है। रक्षाबंधन पर्व को लेकर राजधानी के बाजारों रंग-बिरंगी और नए डिजाइन की राखियों की जमकर खरीदारी हो रही है। शहर के लोअर, मिडल और रामबाजार में राखियों तथा मिठाइयों के स्टॉलों लगे हैं। राखी से एक दिन पहले मंगलवार को बाजारों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। बाजार में रुद्राक्ष, चंदन, मोरपंख, भगवान की प्रतिमा वाली राखियां की सबसे ज्यादा मांग रही।
बच्चों को लाइट और कार्टून वाली राखियां अधिक पसंद आ रही हैं। बच्चों ने स्पाइडरमैन, डोरेमोन, छोटा भीम और सुपर ब्रो वाली राखियां खरीदीं। बाजार में 10 रुपये से लेकर 400 रुपये तक की राखियां बिकीं। दुकानदार गगन लखनपाल, मालविका, संजय कुमार और नवीन ने बताया कि लोगों को इस बार घेवर, पंजीरी, डोडा बर्फी, मिल्क केक, पाकिजा, अनारकली, पेड़ा, बेसन के लड्डू, गुजिया मिठाई ज्यादा खरीद रहे हैं।
घेवर 480 से 600 रुपये प्रतिकिलो बिका
घेवर 480 से 600 रुपये प्रतिकिलो तक बिका। पंजीरी, डोडा बर्फी 580 रुपये, बेसन के लड्डू 460 रुपये किलो बिके। मालविका ने बताया कि उन्होंने इस बार राखी पर बंगाल की प्रसिद्ध मिठाई अनारकली और पाकिजा के स्टॉल लगाए हैं। इनकी कीमत 500 रुपये प्रतिकिलो तक है। उन्होंने कहा कि करीब एक माह से कारोबार ठप पड़ा था अब राखी केे पर्व ने इसमें रौनक भर दी है।
दो दिन बांध सकते हैं राखी
रक्षा बंधन पर्व पर बुधवार रात 9:03 से 11:43 बजे और गुरुवार सुबह 7:05 बजे तक शुभ मुहूर्त में बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। यह जानकारी राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी पंडित उमेश चंद्र नौटियाल ने दी। बताया कि रक्षाबंधन दो तिथियों 30 और 31 अगस्त को होने से लोगों में असमंजस की स्थिति है। इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व भद्राकाल में होने से दो दिन मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार भद्राकाल में राखी नहीं बांधी जाती। पूर्णिमा के दिन यह त्योहार मनाया जाता है। 30 अगस्त सुबह 10:59 से पूर्णिमा और भद्रा शुरू होगी। भद्रा 30 अगस्त रात 9:03 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद 31 अगस्त सुबह 7:05 बजे तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। इस दौरान राखी बांधी जाएगी।
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