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Rakhi 2023
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में भीड़ देखने को मिल रही है। इस बार दो दिन रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। राखियां, कपड़े, मिठाइयां और गिफ्ट खरीदने के लिए सुबह से ही दुकानों में लोग पहुंचने शुरू हो गए हैं। बहनें जहां रंग-बिरंगी राखियां खरीदीं। वहीं भाई कपड़े, गिफ्ट और मिठाइयां खरीदते नजर आए। गांधीनगर, गोल मार्केट, सिटी, रघुनाथ बाजार, परेड, जानीपुर में गिफ्ट स्टाल लगे हैं।
गांधीनगर में सबसे ज्यादा बिक्री बर्फी, लड्डू, गुलाब जामुन, रसगुल्लों की हुई। मिठाई विक्रेता सूरज शर्मा, नीशू, राम ने बताया कि बर्फी में सबसे ज्यादा काजू कतली पसंद की जा रही है। मिक्स मिठाइयों की भी मांग है लेकिन ज्यादातर लोग गुणवत्ता वाली मिठाइयों को तरजीह देते हैं। वहीं, जलेबी भी भा रही है। ग्राहक सुनीता देवी, बचन लाल व प्रीतम शर्मा ने कहा कि 250 से 1200 रुपये किलो में मिठाइयां बिक रही हैं।
इस शुभ मुहूर्त पर बांध सकते हैं राखी
हिंदू पंचांग के अनुसार 30 अगस्त को सुबह 10ः58 से पूर्णिमा तिथि लगने के साथ ही भद्रा लग जाएगी जो रात 9ः01 तक रहेगी। दूसरी तरफ श्रावण पूर्णिमा 31 अगस्त को सुबह 7ः07 पर समाप्त होगी। ऐसे में 30 को शुभ मुहूर्त रात 9ः01 मिनट से अगली सुबह 7ः05 तक है।
पतंगों से बाजार गुलजार, प्रतिबंधित डोर पर सख्ती
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर मांझे व पतंग की जोड़ी ने बाजार में दस्तक दी है। महंगाई के चलते पतंगबाजी के शौकीनों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। वहीं, पक्का डंगा व साथ लगते बाजार पतंगबाजी के रंग में डूबे नजर आ रहे हैं। पक्का डंगा पतंगों का थोक बाजार भी है। इस बार पतंग पांच से लेकर दो हजार तक बिक रही है। दिवान मंदिर बाजार में अमित शर्मा ने बताया कि इस साल चंद्रयान और जी-20 डिजाइन की पतंगें भी उपलब्ध हैं। गोल चकरी, प्रिंट, अमेरिकन झंडे से प्रदर्शित पतंगें हैं।
बाजार में कागज की पतंग 5 से लेकर 200, प्लास्टिक (मोमी कागज) की 5 से 25 रुपये है। चरखड़ी 50 रुपये से 2000 में उपलब्ध है। गट्टूओं के उपयोग पर प्रतिबंध के चलते पुलिस भी चौकस है। इसके चलते शहरभर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। उधर, बाजार में पतंग की खरीदारी करने आए अनमोल ने बताया कि तीन दर्जन से अधिक पतंग खरीद ली गई हैं। चरखी भी तैयार है। बस रक्षाबंधन का इंतजार है। सभी दोस्त साथ मिलकर रक्षाबंधन पर पतंगबाजी करेंगे। वहीं, समर्थ ने कहा कि रक्षाबंधन को लेकर पतंगों को तैयार कर लिया है। धागा और माझा भी भरपूर मात्रा में है। इस बार कम से कम 20 पतंग तो काटनी ही है। बस रक्षाबंधन का इंतजार है।
पतंगबाजों की तलाशी, दुकानें भी खंगाली
रक्षाबंधन के नजदीक आते पतंगबाजी की तैयारी हो चुकी है। बुजुर्ग से बच्चे तक पतंगबाजी के शौकीन हैं। डीजे की थाप पर पुराने शहर में सबसे ज्यादा पतंगें उड़ाई जाती हैं लेकिन हर साल पतंगबाजी के जोश में कई लोग बुरी तरह जख्मी हो जाते हैं। कारण- प्रतिबंधित गट्टू डोर, जो गला तक चीर देती है। मंगलवार को शहर में जमकर पतंगें खरीदी गईं। साथ ही प्रतिबंधित गट्टू डोर बेचने वालों पर पुलिस की नजर रही। पुराने शहर में पतंगें खरीद कर जाने वाले तमाम लोगों की स्कूटियों और कारों की पुलिस ने तलाशी ली। बड़े स्तर पर लोग बच्चों के साथ पतंगें ले जाते नजर आए। पुलिस की ओर से पक्का डंगा, लिंक रोड, जैन बाजार, ओल्ड अस्पताल रोड में दुकानों की भी तलाशी ली गई। एसएसपी चंदन कोहली के अनुसार सभी थाना प्रभारियों को कहा है कि वह अपने क्षेत्र में नजर रखें। कोई प्रतिबंधित डोर बेचता पकड़ा जाए तो कड़ी कार्रवाई करें।
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