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बेलागंज के विधायक और सहकारिता मंत्री डॉ. सुरेंद्र प्रसाद यादव
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला आरक्षण के लिए पूरे देश में नज़ीर हैं और उनकी सरकार के एक मंत्री ने एक महिला नेत्री पर अपमानजनक टिप्पणी कर दी थी। यह टिप्पणी अब सही साबित हो चुकी है। राजद कोटे से बिहार सरकार के सहकारित मंत्री ने एक महिला नेत्री के लिए कहा था कि वह हाफ पैंट में उतरी तो सभी की जमानत जब्त हो गई। ‘अमर उजाला’ नेत्री से पहले एक स्त्री की मर्यादा को समझते हुए उनका नाम प्रकाशित नहीं कर रहा है। वह जिला परिषद् सदस्य हैं।
ऑन रिकॉर्ड हैं अब यह बातें- जानें पूरी लाइन
नेत्री से पहले वह एक महिला हैं और उन्होंने अपने खिलाफ नीतीश सरकार के मंत्री के इस बयान को लेकर लिखित शिकायत भी दी और वीडियो प्रमाण भी पुलिस के समक्ष उपलब्ध कराए। महिला ने 04 मई 2023 को गया में टनकुप्पा प्रखंउ मुख्यालय के एक सार्वजनिक सभा में मंत्री डॉ. सुरेंद्र यादव की कही बातों का वीडियो प्रमाण भी दिया है। इसमें मंत्री कह रहे हैं- जहां से हम चुनाव जीत रहे हैं, जहां से तेजस्वी बाबू चुनाव जीत रहे हैं… सीधे दिल्ली से मेम आ जाएगी… कहानी सुना देते हैं, सच्चा कहानी! जब मेम आ जाएगी दिल्ली से और वह मेम जब खड़ा हो जाएगा… हाफ कपड़ा में खड़ा हो जाएगा… हाफ कपड़ा पहन के ऊपर से नीचे तक… तो सारा लड़का उसी के पीछे-पीछे चल जाएगा और सब वोट उसी को डाल देगा… और बड़का-बड़का नेता धराशाई हो जाएगा। इसी तरह एक मेम लड़ी मेरे विधान परिषद क्षेत्र से… हाफ पैंट पहन के… हाफ विदेशी कपड़ा पहन के लड़ी जिला परिषद से और जमानत जप्त कर दिया सब नेता के और अब सब खोज रहे हैं। पहले तो सब लड़का उसका फोटो रखा था अपने मोबाइल में और चुम्मा लेता था… उसको रात में सपना में भी आ रहा था। अब नजर नहीं आ रहा था। वह तो चल दिया।”
धारा 500/509 के तहत केस
04 मई को हुई इस अमर्यादित टिप्पणी को लेकर महिला ने क्या कुछ झेला होगा, यह इस बात से समझा जा सकता है कि 25 मई को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) के जरिए लिखित जानकारी फॉरवर्ड होकर आने के बाद 20 जून 2023 को फतेहपुर थाना में सनहा अंकित हुआ। केस दर्ज नहीं हुआ। 20 जून को फतेहपुर थानाध्यक्ष ने गया व्यवहार न्यायालय के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को धारा 500/509 के तहत कार्यवाही के लिए प्रतिवेदन जमा किया गया। 26 जून को कोर्ट ने लिखा- “कार्यवाही का पर्याप्त आधार पाते हुए थानाध्यक्ष फतेहपुर को अन्वेषण प्रारंभ करने की अनुमति प्रदान की जाती है।” अब दो महीने से ज्यादा गुजरने के बाद केस दर्ज करने की बात सामने आयी है।
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