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शिवाली मिश्रा
– फोटो : अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी के बाजपेयी कॉलोनी निवासी शिवाली मिश्रा ने पहले ही प्रयास में पीसीएस-जे की परीक्षा उत्तीर्ण कर टॉप टेन में जगह भी बनाई है। उन्होंने नौवां स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। शिवाली ने बताया कि इसी साल उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलएम की पढ़ाई पूरी की है। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पीसीएस-जे की परीक्षा दी थी, जिसमें उन्हें अब सफलता मिल गई है।
बेटी शिवाली की सफलता से गदगद पिता राजीव मिश्रा ने बताया कि बुधवार उनके लिए सबसे बड़ा दिन बन गया। क्योंकि, पूरे परिवार की विरासत वकालत रही है। बिटिया के दादा जी भी वकील हैं और वह खुद सिविल कोर्ट में वकालत करते हैं। यह पूरे परिवार के लिये गर्व की बात है कि हम अभी तक डायस के इस पार होते थे, अब परिवार की बिटिया डायस के उस पार न्यायाधीश की कुर्सी पर विराजमान होगी।
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वकील पिता ने कहा कि बस यही दुआ है कि बेटी ने जिस मकसद के साथ ज्यूडिशियल सिस्टम में प्रवेश लिया है। उसमें वह अपना मुकाम हासिल करे और निसंकोच लोगों को इंसाफ दिला सके। राजीव की बड़ी बेटी सुरभि मिश्रा सुप्रीम कोर्ट में वकालत करती है, जबकि दूसरे नंबर की बेटी अब पीसीएस जे में सेलेक्ट हो गई है। वहीं, सबसे छोटा बेटा यशवर्धन मिश्रा ओएनजीसी में जियो साइंटिस्ट के पद पर देहरादून में कार्य कर रहा है।
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