Bihar News: नदी में नहाने गए ममेरे और फुफेरे भाइयों की डूबने से मौत; गुस्साए ग्रामीणों ने शव रखकर जाम की सड़क

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Cousins went to take bath in river in Jamui died due to drowning; villagers blocked road by keeping dead body

गरही बड़ीवाघ मुख्य मार्ग पर मृतकों के शव रख कर प्रदर्शन करते गुस्साए ग्रामीण
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


बिहार के जमुई जिले के गरही थाना क्षेत्र के पनभरवा नदी बालू घाट में नहाने के दौरान शुक्रवार दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग नदी घाट की ओर दौड़ पड़े। जहां काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों बच्चों के शव को नदी से बाहर निकाला। मृतक बच्चों की पहचान पनभरवा गांव निवासी संतोश यादव के बेटे कुणाल यादव (10) और सिकंदरा प्रखंड के नर्मदा गांव निवासी सकलदेव यादव के बेटे पवन कुमार (11) के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में ममेरे और फुफेरे भाई थे। इस घटना के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। इस घटना को लेकर गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों शवों को रखकर सड़क जाम कर दी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व को लेकर पवन अपनी मां के साथ मामा के घर पनभरवा आया था। जहां शनिवार को अपने ममेरे भाई कुणाल यादव के साथ गांव के ही पास स्थित नदी में स्नान करने के लिए गया था। लेकिन बालू उठाव के कारण नदी में बने गड्ढे में चले जाने से दोनों बच्चे डूब गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, इस घटना की जानकारी गांव में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते बालू घाट पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। जहां काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों द्वारा दोनों बच्चों के शव को गहरे पानी से निकाला गया। उसके बाद घटना की सूचना स्थानीय थाने को दी गई। इधर, दोनों बच्चों के शव देखते ही परिजनों में चीत्कार मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

वहीं, घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने दोनों बच्चों के शव को सड़क पर रखकर गरही बड़ीवाघ मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। साथ ही स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सड़क जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे आने जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इधर, सड़क जाम की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची स्थानीय थाना पुलिस परिजनों को काफी समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही है। लेकिन परिजन घटनास्थल पर वरीय पदाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े हैं।

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