[ad_1]

गोवंश
– फोटो : Amar Ujala
विस्तार
निराश्रित गोवंशों के लिए आश्रय देने के लिए प्रदेश सरकार तो गंभीर है। कई योजनाएं भी बनीं, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन में लगे अधिकारी और कर्मचारी बेपरवाह हैं। गो संरक्षण केंद्र में अव्यवस्थाओं के चलते गोवंश दुर्दशा के शिकार हैं। शनिवार को अमर उजाला की टीम की पड़ताल में जानी खुर्द स्थित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की बदतर तस्वीर सामने आई।
हमारे संवाददाता ने जैसे ही कदम गो आश्रय केंद्र के अंदर रखे, कई गायें उनकी तरफ कुछ खाने की आस में दौड़ पड़ीं। आगे चाहरदीवारी के बीच टीन शेड के नीचे 200 गोवंश बंधे मिले। इनमें से ज्यादार भूखे-प्यासे थे। कुछ के सामने सूखा भूसा पड़ा था। ज्यादार गायें इंफेक्शन से ग्रस्त थीं।
50 प्रतिशत गोवंश की जियो टैगिंग भी नहीं की गई थी। कई गोवंश की हालत चारे के अभाव में बेहद दुर्बल हो चुकी है। कई बीमार अवस्था में हैं। कई बेहोशी की हालत में पड़ी थीं। एक बुग्गी में कई मृत गोवंशों को तिरपाल से ढ़ककर रखा गया था।
यह भी पढ़ें: रिश्तों का कत्ल: झूठी शान की खातिर 18 साल हत्या के लिए इंतजार करता रहा मामा, पहले जीजा-बहन फिर भांजे को दी मौत
[ad_2]
Source link