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जन्माष्टमी 2023
– फोटो : संवाद
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भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि में हुआ था। इस वर्ष जन्माष्टमी छह सितंबर को मनाई जाएगी। हालांकि वैष्णव संप्रदाय (सन्यासी) सात सितंबर को जन्माष्टमी मनाएंगे। इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण जन्म की तिथि व नक्षत्र एक साथ मिल रहे हैं। जन्माष्टमी को लेकर जम्मू शहर के बाजार और मंदिर सजने लगे हैं। कार्यक्रम शुरू हो गए हैं।
बाजार में बड़ी से लेकर छोटी दुकानों पर श्रीकृष्ण के छोटे से लेकर बड़े रूप में मूर्तियां, लड्डू गोपाल की पालकी, आसन, शृंगार का सामान, मोरपंख खरीदने वालों की भीड़ जुट रही है। अलग-अलग साइज में कान्हा की मूर्तियां एक हजार से 5000 रुपये तक की कीमत में बिक रही हैं।
लड्डू गोपाल का सिंहासन 100 से 500 रुपये, पोशाक 20 से 200 रुपये तक, बांसुरी 10 से 30 रुपये तक, मुकुट पांच से 100 रुपये तक, मोरपंख भी 50 से 100 रुपये तक बेचे जा रहे हैं। महंत रोहित शास्त्री ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। लेकिन बहुत बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र एक ही दिन नहीं होते। वर्षों बाद श्रीकृष्ण जन्म की तिथि और नक्षत्र एक साथ मिल रहे हैं।
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