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गोरखपुर में माताओं ने रखा हलषष्ठी व्रत।
– फोटो : अमर उजाला।
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संतान की दीर्घायु के लिए माताएं मंगलवार को हलषष्ठी व्रत रखकर भगवान बलराम की पूजा-अर्चना कीं। ऐसी मान्यता है कि षष्ठी देवी और भगवान बलराम की पूजा करने से व्रती के पुत्रों की आयु में वृद्धि होती है। वे स्वस्थ और निरोग रहते हैं।
वाराणसी से प्रकाशित हृषीकेश पंचांग के अनुसार, इस दिन भाद्रपद कृष्ण षष्ठी तिथि का मान संपूर्ण दिन और रात आठ बजकर 35 मिनट तक है। इस दिन भरणी नक्षत्र दिन में दो बजकर 41 मिनट तक और इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र है। मध्याह्न में भाद्रपद कृष्ण षष्ठी होने से हलषष्ठी व्रत के लिए यह दिन प्रशस्त है। मान्यता है कि बलराम का जन्म मध्याह्न के समय ही हुआ था।
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