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Jammu Kashmir
– फोटो : amar ujala
विस्तार
केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने आतंकवाद के चलते कश्मीर को छोड़कर जाने वाले कश्मीरी लोगों की भूमि व संपत्ति जैसी शिकायतों के ऑनलाइन निस्तारण के लिए प्रकोष्ठ (सेल) का गठन किया है। यह प्रकोष्ठ एक अभियान की तरह कश्मीरी प्रवासियों की शिकायतों का निस्तारण करेगा।
इसके अलावा प्रवासी लोग आगामी 9 सितंबर तक सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक राहत और पुनर्वास आयुक्त (एम) कैनाल रोड कार्यालय में जाकर शिकायतों का निस्तारण करा सकते हैं। जम्मू संभाग मेंं ही करीब 500 से ज्यादा प्रवासी लोगों के मामले लंबित पड़े हैं।
कश्मीर में 1989-90 में आतंकवाद के चलते तकरीबन 60 हजार परिवारों को कश्मीर छोड़कर जाना पड़ा था। इनमें सबसे अधिक संख्या हिंदू कश्मीरी परिवारों का था। जिनकी संख्या 40 हजार के भी पार थी। इन सभी लोगों को कश्मीर में वापस लाने की कवायद चल रही है।
इसी के तहत उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर यूटी प्रशासन ने कश्मीरी प्रवासियों के भूमि व संपत्ति सहित अन्य मामलों की ऑनलाइन सुनवाई तेज कर दी है। प्रतिदिन आने वाली शिकायतों का निस्तारण होना है। इसकी रिपोर्ट रोज सरकार को भेजी जाएगी। सरकार की नई पहल से कश्मीर छोड़कर गए कश्मीरी पंडित व सभी प्रवासियों को अपनी जमीन और दूसरी अचल संपत्ति को वापस लाने में सहायता मिलेगी।
आतंकवादियों के डर से अपना सबकुछ कश्मीर में छोड़कर देश व विदेश में रहने को मजबूर हुए कश्मीरी प्रवासियों के लिए घर वापसी का एक अच्छा मौका भी है।
मौके पर कराएं शिकायतों का निस्तारण
प्रवासियों को जल्द न्याय मिले इसके लिए शहर के राहत और पुनर्वास आयुक्त (एम) कैनाल रोड कार्यालय में 9 सितंबर तक एक प्रकोष्ठ के द्वारा लंबित मामलों की सुनवाई की जा रही है। प्रवासी लोग यहां पर जाकर सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक अपनी शिकायतों का निस्तारण करा सकते हैं।
प्रकोष्ठ ऐसे करेगा कार्य
- कश्मीरी प्रवासियों की शिकायतों को पंजीकृत एवं रिकॉर्ड करेगा।
- शिकायत निवारण के लिए जोनल एवं कैंप कार्यालयों के साथ ही संबंधित विभागों से संपर्क करेगा।
- कश्मीरी प्रवासियों को ऑनलाइन लाभ उठाने में सुविधा प्रदान करेगा।
- सेवाएं और उन्हें इसके बारे में शिक्षित भी करेगा
- प्रवासियों को ई-ऑफिस व अन्य पहलुओं के बारे में भी शिक्षित करेगा।
- सभी क्षेत्रीय कार्यालयों एवं कैंप कार्यालयों को भी शिकायत निवारण केंद्र के रूप में नामित किया गया है। शिकायतें दिए गए प्रारूप के अनुसार दर्ज की जाएंगी।
प्रकोष्ठ में इन्हें किया गया शामिल
– देवेन्द्र सिंह भाऊ उपायुक्त राहत (प्रमुख)
– मो. फारूक मलिक सहायक आयुक्त (राहत)
– महक गुप्ता अकाउंट ऑफिसर
– संजय हांगलू सहायक प्रोग्रामर
– भारत भूषण भट्ट आयुष्मान सेल
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