[ad_1]

तेंदूए के हमले से घायल बच्ची को उपचार के लिए ले जाते हुए
– फोटो : संवाद
विस्तार
जिला उधमपुर के चिनैनी कस्बे के लद्दा गांव में तेंदुए की दहशत बढ़ती जा रही है। एक सप्ताह पहले चार साल की बच्ची को शिकार बनाने के ठीक एक सप्ताह बाद आदमखोर तेंदुए ने शनिवार को एक दो साल की एक और बच्ची को घर के आंगन से उठा लिया।
हालांकि ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ बच्ची को छोड़ जंगल में भाग गया। इस घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत भरी नाराजगी है। उनका कहना है कि पिछले सप्ताह विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया था परंतु अब तक आदमखोर जानवर पकड़ से बाहर है। सरकार को इसे मारने की अनुमति देनी चाहिए।
पीड़ित बच्ची मनीषा की दादी ने बताया कि शनिवार शाम करीब छह बजे बच्ची मां के साथ आंगन में बैठी थी। इसी दौरान तेंदुआ उसे उठाकर ले गया। यह देख मां चिल्लाने लगी, जिसे सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। लोगों को पीछे आता देख तेंदुआ कुछ दूर जाकर बच्ची काे छोड़कर भाग निकला। बच्ची को चिनैनी सीएचसी में उपचार दिया गया है, उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बच्ची को पीठ, सिर और बाजू में चोटें आई हैं।
एक सप्ताह बाद भी नहीं जागा प्रशासन, तेंदुए को मारने की गुहार
पंचायत लद्दा के सरपंच कुलदीप सिंह ने बताया कि एक सप्ताह में तेंदुए का यह दूसरा हमला है। ग्रामीण दहशत में हैं। बावजूद इसके प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा। बीते शनिवार को चार साल की बच्ची को तेंदुए ने शिकार बनाया था। वन्य जीव विभाग ने टीम भेजकर पिंजरा लगाया था, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर तेंदुए को मारने की गुहार लगाई थी। लेकिन दूसरी घटना होने के बाद भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने मांग की कि तेंदुए को मारने की अनुमति दी जाए।
[ad_2]
Source link