Lok Adalat: एक दिन में आपसी सुलह-समझौते से निपटे 52216 मामले, वसूला 9.77 करोड़ अर्थदंड

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52216 cases settled through mutual settlement in Aligarh's Lok Adalat

लोक अदालत में फरियादियों की समस्या सुनते बैंक कर्मचारी
– फोटो : संवाद

विस्तार


जिला न्यायालय अलीगढ़ समेत बाह्य स्थित न्यायालयों के अलावा तहसील स्तर पर शनिवार को राष्ट्रीय विधिक प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न न्यायालयो में लंबित एवं प्रीलिटिगेशन स्तर के कुल 52,216 मामलों का निस्तारण आपसी सुलह एवं समझौता के आधार पर किया गया। अर्थदंड के रूप में 9 करोड़ 76 लाख 96 हजार 746 रुपये वसूला गया।

दीवानी न्यायालय के सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला जज संजीव कुमार ने शुभारंभ किया । यहां वाणिज्यिक न्यायालय के पीठासीन अधिकारी विवेक त्रिपाठी, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अहमद उल्ला खान, एडीजे प्रथम मनोज कुमार अग्रवाल, ईसी एक्ट की विशेष अदालत के न्यायाधीश सुभाष चंद्रा, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश कुमार नागर, दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार वशिष्ठ के अलावा सभी बैंकों के प्रबंधक मौजूद थे। 

अलीगढ़ में लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए

लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित विभिन्न प्रकृति के 8308 मामले निस्तारित हुए। जिनमें 3 करोड़ 79 लाख 11 हजार 156 रुपये अर्थदंड वसूला गया । प्रीलिटिगेशन स्तर पर विभिन्न विभागों एवं बैंक लोन रिकवरी, दूरभाष कंपनी के 43 हजार 908 मामले निपटे, जिनमें 5 करोड़ 97 लाख 85 हजार 590 रुपये की वसूली की गई।

विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश कुमार नागर के अनुसार जिला जज संजीव कुमार की अदालत में एक वाद, एडीजे प्रथम मनोज कुमार अग्रवाल की अदालत ने एक, एडीजे संजीव कुमार सिंह की एससी-एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने एक वाद, एडीजे तृतीय राजेश भारद्वाज की अदालत ने तीन वाद, एडीजे सुरेंद्र मोहन सहाय की पाक्सो की विशेष अदालत ने तीन वाद, एडीजे पाक्सो द्वितीय नुपुर की अदालत ने एक वाद, एडीजे 12 सिद्धार्थ सिंह की अदालत ने दो वाद, एडीजे ऋषि कुमार की अदालत ने छह वाद, एडीजे सात ज्ञानेंद्र सिंह की अदालत ने चार वाद, एडीजे 17 रवीश अत्री की अदालत ने एक वाद, एडीजे 10 प्रदीप कुमार राम की अदालत ने दो वाद, एडीजे 11 रजनेश कुमार की अदालत ने एक वाद, एडीजे 14 अमित कुमार तिवारी की अदालत ने एक वाद, एडीजे आठ अशोक भारतेंदु की अदालत ने दो वाद, एडीजे पाक्सो प्रथम राजीव शुक्ला की अदालत ने 5 वाद, ईसी एक्ट के विशेष न्यायाधीश सुभाष चंद्रा की अदालत ने 87, अपर जिला जज (एफटीसी) अनुपम सिंह ने 3 वाद, अपर जिला जज (एफटीसी) राघुवेंद्र मणि ने दो मामले निस्तारित कराए।

सबसे ज्यादा 2028 मामले सीजेएम अरविंद वर्मा की अदालत में निपटाए गए। यहां तीन लाख 19 हजार 420 रुपये जुर्माना वसूला गया। स्थायी लोक अदालत में तीन वादों का निस्तारण आपसी सुलह एवं समझौते के आधार पर कराया गया। जिसमें 23 लाख 46 हजार 255 रुपये का अवार्ड घोषित कराया गया। लोक अदालत के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार एवं वरिष्ठ सदस्य सत्यदेव उपाध्याय की पीठ ने भी सुनवाई की।

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