GI Tag: बनारसी ठंडई, तिरंगी बर्फी और लाल पेड़ा को मिलेगा जीआई टैग, मिलेगी दुनियाभर में पहचान

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Banarasi Thandai Tirangi Barfi and Lal Peda will get GI tag varanasi will get recognition worldwide

तिरंगा बर्फी
– फोटो : facebook

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बनारसी ठंडई, लाल पेड़ा, तिरंगी बर्फी, म्यूरल पेटिंग, चिरईगांव का करौंदा, लाल भरवा मिर्च समेत उत्तर प्रदेश के 36 उत्पादों को जीआई टैग मिलने वाला है। चेन्नई स्थित जीआई रजिस्ट्री कार्यालय में जल्द सुनवाई होगी। जीआई टैग मिलते ही इन उत्पादों का देश, विदेश में नाम होगा।

उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलने लगेगा। प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बताया कि अक्तूबर में सुनवाई पूरी होगी। बनारस के सात और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के ब्रास के स्टैच्यू, मथुरा की कंठी माला और सांझी आर्ट समेत 36 उत्पादों को जीआई टैग मिलेगा। 

क्या है जीआई टैग

डॉ. रजनीकांत के अनुसार जीआई का मतलब ज्योग्राफिकल इंडिकेशन यानी भोगौलिक संकेत है। जीआई टैग एक प्रतीक है, जो मुख्य रूप से किसी उत्पाद को उसके मूल क्षेत्र से जोड़ने के लिए दिया जाता है। उत्पाद की विशेषता बताता है। यह दर्शाता है कि विशेष उत्पाद किस जगह बनता है या उसका उत्पादन कहां होता है।

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