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शरजील इमाम
– फोटो : Social Media
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दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने सोमवार को शरजील इमाम की वैधानिक जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। शरजील इमाम के ऊपर देशद्रोह का मामला चल रहा है। उन्हें 28 जनवरी 2020 को पुलिस ने हिरासत में लिया था। साढ़े तीन साल से इमाम जेल में है। जबकि इस मामले में किसी भी आरोपी को ज्यादा से ज्यादा डेढ़ साल की सजा होती है।
एडिशनल सेशंस जज अमिताभ रावत ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। शरजील इमाम के वकील और दिल्ली पुलिस की ओर से बहस पूरी होने के बाद फैसला लिया गया। कोर्ट ने 25 सितंबर तक के लिए आदेश को सुरक्षित रख लिया है।
शरजील इमाम के वकील तालिब मुस्तफा बहस के दौरान कहा कि इस मामले में किसी भी आरोपी को ज्यादा से ज्यादा डेढ़ साल की सजा होती है। हालांकि, वह अब आईपीसी की धारा 436 ए सीआरपीसी के तहत वैधानिक जमानत के हकदार हैं।
वकील ने आगे कहा कि उन्होंने बिना किसी ट्रायल के ज्यादा समय तक जेल में रहे। यूएपीए एक्ट के तहत किसी भी आरोपी को सात साल की सजा हो सकती है, जबकि उन्होंने साढ़े तीन साल जेल में बिता दिए हैं।
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