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सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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बिहार में अब रंगदारी का खेल शुरू हो चुका है। बिहार के मुजफ्फरपुर में व्यवसायी मजहरुल हक उर्फ तमन्ने से एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई है। पोस्ट के जरिए तीन लेटर भेजकर रंगदारी की मांग की गई है। रंगदारी नही देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी के बाद से पूरा परिवार दहशत के माहौल में है।
मामले को लेकर पीड़ित व्यवसायी ने मिठनपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है। इसके बाद अपर थानेदार संतोष कुमार रजक दल बल के साथ उनके आवास पर पहुंचे और घटना के सबंध में पीड़ित से पूछताछ की है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कंपनी बाग स्थित जनरल पोस्ट ऑफिस से आने का मामला सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुट गई है कि क्या यह रंगदारी वाला पत्र कंपनी बाग स्थित पोस्ट ऑफिस से ही भेजा गया या कही और से वहां भेजा गया है। फिलहाल पुलिस पत्र भेजने वाले अपराधियो की पहचान में जुट गई है।
पीड़ित व्यवसायी मजहरुल हक उर्फ तमन्ने ने पुलिस को बताया कि शनिवार की दोपहर करीब दो बजे वह हाथी चौक स्थित आवास पर बैठे हुए थे। इसी बीच पोस्टमैन आया और पत्र देकर चला गया। उसको जब खोलकर देखा गया तो उसमें तीन पत्र थे। पत्र पर कलम से नही प्रिंट कर लिखा गया था कि एक करोड़ रुपये रंगदारी चाहिए नही तो तुमको और तुम्हारे पूरे परिवार को जान से मार देंगे। इसके अलावे पत्र में गाली गलौज भी लिखा गया था। पत्र मिलने के बाद से पूरा परिवार सहमे हुए है। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से मनियारी थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव के रहने वाले है। हाथी चौक पर भी आवास है। उनके भाई मो.निराले चैनपुर पंचायत के मुखिया रह चके है। पिछले साल उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
उन्होंने बताया कि वह व्यवसायी के अलावे वकील भी है। बताया जा रहा हैं की धमकी वाले पत्र में लिखा है की मजहरूल हक पैसा रेडी हो जाए तो हाथी चौक वाले घर के सबसे ऊपर वाले फ्लोर के दूसरे खिड़की में हरा झंडा लगा देना। उसके बाद माल कहा और कब देना है ये हम बताएंगे। पैसा वाला बैग भी हरा होना चाइए। अगर कोई होशियारी किया तो समझ लेना पूरा खानदान खत्म हो जायेगा।
इधर, घटना को लेकर प्रभारी एसएसपी सह सिटी एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। स्पष्ट रूप से किसने मांगी क्या हुआ ऐसा तो कुछ नही है। पोस्टल डाक के माध्यम से यह मामला सामने आई है। लेकिन उसे पूरी गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्यवाही की जा रही है। अभी तक पत्र भेजने वाले की जानकारी ना तो पीड़ित को और ना ही पुलिस को पता है। कहा से और किसके माध्यम से सभी बिन्दुओ पर पत्र की जांच की जा रही है।
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