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उत्तर प्रदेश में भाजपा ने बदले जिलाध्यक्ष
– फोटो : सोशल मीडिया
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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए 80 प्रतिशत जिलाध्यक्षों को बदल दिया है। यह बदलाव आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है। भाजपा मिशन 80 को पाने के लिए प्रदेश भर में कई प्रकार के अभियान चला रही है। लंबे समय से पार्टी में जिलाध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों को बदलने की तैयारी की जा रही थी।
वरिष्ठ नेताओं का मानना था कि नए लोगों को मौका देकर चुनाव में और बेहतर प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन में बदलाव के लिए तीन बिंदुओं को आधार मानकर पदाधिकारियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा था। जुलाई माह में पदाधिकारी बदलने और नए अध्यक्षों की सूची जारी करने की बात कही जा रही थी।
उपचुवान और अन्य चीजों को ध्यान में रखते हुए इसे कुछ समय के लिए टाल दिया गया। उधर, निकाय चुनाव में खराब प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्षों की सूची तैयार की जा रही थी। इसी आधार पर जाटलैंड के कई पदाधिकारी निशाने पर आ गए।
पार्टी ने प्रत्येक जिले के जिला और महानगर अध्यक्षों के दो सालों के कार्यकाल का लेखा जोखा तैयार किया। पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्षों ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी।
मुरादाबाद पर विशेष निगाह
पार्टी 2019 के चुनाव में हारी हुई लोकसभा पर विशेष रणनीति बनाकर कार्य कर रही हैं। इसमें मुरादाबाद, संभल, नगीना सहित अन्य पांच सीटें शामिल हैं। मुरादाबाद सीट पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को लगाया गया। इस सीट पर कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री से लेकर कई मंत्री दौरा कर चुके हैं।
भाजपा मुरादाबाद की सीट किसी कीमत पर जीतना चाहती है। मिशन 80 के तहत यह सीट भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। भाजपा प्रदेश चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी के पदाधिकारियों को बदलने का काम 20 जुलाई के बाद होगा। पार्टी के अन्य प्रदेश पदाधिकारियों का मानना है कि 30 जुलाई तक जिला और महानगर अध्यक्ष बदल दिए जाएंगे।
मुरादाबाद का प्रभार आकाश पाल व अमरोहा की जिम्मेदारी उदय गिरी को
भाजपा ने नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर दी है। मुरादाबाद मंडल के सभी जिलाध्यक्षों को बदल दिया गया है। मुरादाबाद महानगर की जिम्मेदारी संजय शर्मा और जिले के प्रभार आकाश पाल को दी गई है। इसके अलावा रामपुर में हंसराज पप्पु और अमरोहा में उदय गिरी गोस्वामी को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
संभल में हरेंद्र सिंह रिंकू को नई जिम्मेदारी दी है। लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश में भाजपा अपने जिलाध्यक्षों को बदलने की तैयारी कर रही थी। लंबी जोड़तोड़ के बाद नई सूची जारी कर दी गई है। पहले जिलाध्यक्षों की घोषणा के लिए 15 जून तक का समय बताया गया था। फिर 15 जुलाई हुई।
इसके बाद पांच अगस्त और आखिर में 15 अगस्त की तारीख घोषित की गई। घोषणा में देरी का कारण जातिगत गुणा गणित माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि अध्यक्षों के नाम तय करते समय ऐसा जातीय संतुलन बनाया जाए जो लोकसभा चुनाव में सभी वर्गों को साधा जा सके।
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