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शिवभक्तों का जत्था चंबा चौगान पहुंचा
– फोटो : संवाद
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खराब मौसम को देखते हुए भरमौर प्रशासन ने हड़सर से आगे मणिमहेश यात्रा पर रोक लगा दी है। जब तक मौसम साफ नहीं हो जाता, तब तक के लिए श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर रुकने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने हड़सर से डल झील तक विभिन्न पड़ावों पर रुके श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर ठहरने के लिए कहा है। जब तक मौसम साफ नहीं हो जाता। उपमंडलाधिकारी कुलवंत सिंह ने बताया कि तब तक श्रद्धालुओं को हड़सर और डल झील के बीच में यात्रा नहीं करने की रोक लगाई गई है। उधर, पवित्र डल झील के पास दोस्तों के साथ ठहरे मणिमहेश यात्रा पर आए ऊना के तलहेड़ा निवासी श्रद्धालु गोपाल शर्मा (52) की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। वीरवार रात उनकी तबीयत बिगड़ी तो उन्होंने अपने दोस्तों को बताया। दोस्तों ने तुरंत स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टरों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद गोपाल शर्मा को गौरीकुंड स्थित स्वास्थ्य शिविर में पहुंचाया, लेकिन शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई।
रामबन से पवित्र छड़ी लेकर चंबा पहुंचे शिवभक्त
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले से पवित्र छड़ी लेकर 28 शिवभक्तों का जत्था चंबा चौगान पहुंचा। भोलेशंकर के जयकारों के उद्घोष लगाते हुए शिवभक्तों ने चौगान को नमन किया। अलग-अलग पड़ावों को पार करते हुए पवित्र छड़ी छठे दिन पवित्र डल में पहुंचेगी। यहां पर पूजा-अर्चना के साथ पवित्र छड़ी को डल में डुबकी लगवाई जाएगी। छड़ी लेकर पहुंचे सूरज बाली ने बताया कि उनका पहला पड़ाव दुनेरा में था। वे दूसरे पड़ाव में चंबा चौगान में पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद वे दो दिनों तक भरमौर में रुकेंगे। इसके बाद वे माता भरमाणी माता मंदिर में रहेंगे।
तीसरे दिन धन्छौ के लिए रवाना होंगे। चौथे दिन वे गौरीकुंड में पड़ाव डालेंगे और पांचवें दिन पवित्र कैलाश दर्शन करने के लिए पहुंचेगे। उन्होंने बताया कि वे पवित्र छड़ी के साथ धार्मिक रीति-रिवाजों का निर्वहन कर रहे हैं। छड़ी के साथ चंबा पहुंचे नारायण सिंह बाली ने बताया कि वे 1980 से छड़ी लेकर पवित्र यात्रा पर आ रहे हैं। पहले वे हर दूसरे या तीसरे वर्ष यात्रा पर आते थे। लेकिन बीते दस वर्षों से वे लगातार यात्रा पर आ रहे हैं। वे दो गाड़ियों में 28 लोगों के साथ पवित्र मणिमहेश यात्रा के लिए निकले हैं।
328 शिवभक्तों ने हेलिकाप्टर से की मणिमहेश यात्रा
हेलिकाप्टर के जरिए 328 शिवभक्तों ने पवित्र मणिमहेश यात्रा की। हेलिकाप्टर पर सवार होकर 167 शिवभक्त भरमौर से गौरीकुंड पहुंचे। जबकि 162 शिवभक्त गौरीकुंड से भरमौर हेलीपैड पर उतरे। कुल मिला कर चलने-फिरने में असहाय लोगाें के लिए मणिमहेश यात्रा के लिए हेलिकाप्टर सहूलियत दे रहा है। उपमंडलाधिकारी नागरिक कलवीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को भरमौर में मौसम साफ रहने पर हेलिकाप्टर की 30 उड़ानें हुईं। इसमें 328 शिवभक्तों ने आवाजाही की। भरमौर से 167 शिवभक्त हेलिकाप्टर से गौरीकुंड पहुंचे। जबकि 162 शिवभक्त गौरीकुंड से वापस भरमौर हेलीपैड के लिए लौटे। दोपहर बाद आसमान में अत्यधिक धुंध छाने से हेलिकाप्टर उड़ानें नहीं भर पाया।
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