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तान्या शर्मा अपने पिता अशोक कुमार शर्मा के साथ।
– फोटो : संवाद
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जमा दो के कला संकाय में सातवां स्थान पाने वाली ऊना की वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धनेट की तान्या शर्मा ने जब अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाया तो मिस्त्री का काम करने वाले पिता अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि बेटी ने मेहनत से आज यादगार पल दिखाया है। उन्हें अहसास हुआ कि बेटियां किसी से कम नहीं। उन्होंने कहा कि उनकी चार बेटियां है, उनको पढ़ाने लिखा कर आगे बढ़ने के लिए दिन-रात मेहनत करता हूं, आज मेहनत सफल हुई है। गांव चंबरानी बंगाणा की तान्या आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं, सीमित साधनों के बावजूद बंगाणा कॉलेज में पढ़ाई करने जाती हैं। पिता अशोक कुमार और माता पूनम ने कहा कि चारों बेटियां पढ़ाई में अच्छी हैं। परिवार का गुजारा दिहाड़ी लगाकर ही होता है। सरकार मदद करे, तो उनकी होनहार बेटियों के सपने पूरे हो सकते हैं।
दिहाड़ी छोड़ कर आया हूं, बेटी की वजह से पहली बार देखा शिमला
दिहाड़ी लगाकर मिस्त्री का काम कर परिवार पालने वाले शिव धन ने कहा कि बेटी को सीएम के हाथों से सम्मान पाता देख कर खुशी हुई। दिहाड़ी छोड़ कर बेटी को सम्मान समारोह में लाया हूं। बारहवीं के कला संकाय की मेरिट में 9वां स्थान पाने वाली टिहरा सुजानपुर (हमीरपुर) की आंचल ने कहा कि जैसे पिता को इस समारोह का पता चला, तो वह यहां आने के लिए राजी हो गए। आंचल ने कहा कि वह ट्यूशन नहीं पढ़ती, अपने आप ही पढ़ाई करती हैं। सपना है कि मैं प्रशासनिक अधिकारी बनूं। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पा कर मनोबल बढ़ा है, अब अपना लक्ष्य पाने के लिए और मेहनत करूंगी।
सीएम के हाथों मेडल पाकर फूला नहीं समाया अभिनव
गीतांजलि पब्लिक स्कूल घलोल (धनेटा) के अभिनव शर्मा को दसवीं की मेरिट में छठा स्थान हासिल करने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मौका था शिमला के पीटरहाॅफ में अमर उजाला मेधावी सम्मान समारोह का। अभिनव में अपने माता-पिता और दादा-दादी का नाम रोशन किया है। गांव ढंढू के रहने वाले अभिनव के पिता अतुल शर्मा और रीना देवी बेटे की उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे।
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