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Anantnag Encounter
– फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt
विस्तार
बॉर्डर के उस पार एलओसी से करीब 53 किलोमीटर दूर पाकिस्तान ने 18 ऐसे आतंक के केंद्र बनाए हैं, जो घाटी में माहौल खराब करने की आतंकी ट्रेनिंग दे रहे हैं। इन आतंकी कैंपों की संख्या बीते कुछ समय से न सिर्फ बढ़ी है, बल्कि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने अपने कमांडरों से बाकायदा इन केंद्रों में आतंकी प्रशिक्षण कैंप भी आयोजित किए हैं। सूत्रों के मुताबिक पीओके से आदेश दिए जा रहे हैं वे घाटी में सक्रिय चार प्रमुख आतंकी संगठनों के हैंडलर टेरर संगठनों को मिल रहे हैं। अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में पीओके से मिले आदेश की बात भी सामने आ रही है।
खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक सैयद अली शाह गिलानी की मौत के बाद से घाटी में आतंकवाद को पनाह देने वाला कोई भी व्यक्ति नहीं बचा। इसलिए ज्यादातर आतंकी कैंप धीरे-धीरे घाटी से पीओके में शिफ्ट हो गए। शुरुआती दौर में पीओके में इन आतंकी कैंपों की संख्या निर्धारित थी, लेकिन बाद में इसको बढ़ाया जाने लगा। तकरीबन डेढ़ सालों में पीओके में चल रहे कैंप को पाकिस्तानी समर्थित आतंकी संगठनों समेत पाकिस्तानी सेना और आईएसआई ने इनकी संख्या डेढ़ दर्जन तक पहुंचा दी है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक पहले ये आतंकी कैंप घाटी में चलते थे। लेकिन सेना और सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के चलते ये सब पीओके शिफ्ट हो गए।
खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक मुजफ्फराबाद और आस पास में इलाके में ये सभी प्रमुख आतंकी कैंप चलाए जा रहे हैं। मुजफ्फराबाद के पास के इलाके नीलम, खानिन, मकरी और नियाजपुरा के आए पास ये 18 प्रमुख आतंकी कैंप बीते कुछ महीनों में शुरू हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक इन आतंकी कैंप में निर्देश पीओके के मुजफ्फराबाद में बैठे आईएसआई के प्रमुख हैंडलर की ओर से दिए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि बीते कुछ समय में पीओके के ऐसे इलाके में पाकिस्तानी सेना और इसी के कमांडर्स की ओर से एक ट्रेनिंग कैंप भी आयोजित किया गया था। अनंतनाग में हुई बड़ी आतंकी घटना में पाकिस्तान की सेना के कंमांडोज और आईएसआई की बड़ी साजिश ही है।
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