Firozabad: पराली जलाने वाले किसान हो जाएं सावधान, पढ़ें डीएम के निर्देश; जलाते पाए गए तो होगी कड़ी कार्रवाई

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DM has formed teams to stop stubble burning in Firozabad

जल रही पराली।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में धान एवं बाजरा की फसल कटने के साथ पराली जलाने से रोकने के लिए डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने जिले के साथ-साथ तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों का गठन किया है। ताकि पराली जलाने वालों की सघन निगरानी करने के साथ यदि कोई जलाता मिले तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। जिले के किसानों से आह्वान किया तो वह फसलों के अवशेष को जलाएं नहीं। बल्कि उसे जैविक खाद के रूप में प्रयोग करें।

जिले में किसानों के द्वारा फसल के अवशेष (पराली) जलाने के कारण पर्यावरण प्रदूषित होने के मामले को गंभीरता से लिया है। एनजीटी की सख्ती के बाद जिला प्रशासन की ओर से इसकी रोकथाम के लिए टीमों का गठन कर दिया है। डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने जिला स्तरीय टीम एडीएम अभिषेक कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित की है। 

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इसमें अपर पुलिस अधीक्षक,उप निदेशक कृषि सदस्य व सचिव, जिला कृषि अधिकारी,डीआईओएस,जिला पंचायत राज अधिकारी एवं क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शामिल किया है। जबकि तहसील स्तरीय टीम एसडीएम की अध्यक्षता में काम करेगी। इसमें सीओ, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को शामिल किया है। 

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वहीं ब्लाक स्तरीय टीम में बीडीओ,नायब तहसीलदार, ब्लॉक के अन्तर्गत आने वाले सभी थाना प्रभारी, सहायक विकास अधिकारी कृषि एवं सहायक विकास अधिकारी पंचायत को शामिल किया है। जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार चौहान ने जिले के किसानों से आह्वान किया वह धान, बाजरा की फसल के अवशेषों को नहीं जलाएं। बल्कि, उसका प्रयोग जैविक खाद को तैयार करने में करें। ताकि फसलों का उत्पादन बढ़ सके। फसल अवशेष जलाने पर सीधे मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

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