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सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन व जीपीएस समेत कई सुरक्षा सुविधाओं से लैस होंगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्लीवासियों को अगले माह 200 ई-बसों की सौगात मिलेगी। ऐसे में बसों की कमी से जूझ रहे दिल्ली के लोगों को अगले महीने से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। परिवहन विभाग की 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने की तैयारी है। कुछ बसें महीने भर पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं। इनके पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। यह बसें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन व जीपीएस समेत कई सुरक्षा सुविधाओं से लैस होंगी। डीटीसी के सूत्रों ने उम्मीद जताई है कि अक्तूबर के पहले या दूसरे हफ्ते तक ये बसें सड़कों पर चलनी शुरू हो जाएंगी।
मायापुरी व नेहरू प्लेस डिपो से चलेंगी
200 बसें सड़कों पर उतरेंगी, जिनमें से 150 बसें मायापुरी डिपो से चलेंगी, जबकि 50 बसों को नेहरू प्लेस में बनाए गए नए इलेक्ट्रिक डिपो से संचालित करने की तैयारी है। यहां से चलने वाली जिन बसों की मियाद पूरी हो चुकी है, उन्हें बेड़े से बाहर किया जाएगा। जो बसें चलने लायक हैं, उन्हें दूसरे डिपो में शिफ्ट किया गया है। डीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बसों के लाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है।
अभी चल रहीं 800 इलेक्ट्रिक बसें
मौजूदा समय में 800 ई-बसें चल रही हैं। इनमें 400 बसें जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले ही सड़कों पर उतरी हैं। सड़कों पर आठ हजार के लगभग बसें चल रही हैं, जिसमें डीटीसी की 4060 बसें और क्लस्टर की 3319 बसें चलती हैं। बाकि 800 ई-बसें शामिल हैं। डीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नई बसों के लिए बनाए जा रहे डिपो का काम भी लगभग पूरा हो गया है।
अत्याधुनिक बस डिपो
अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक डिपो में बसें चार्ज भी हो सकेंगी। ऐसे सात डिपाे तैयार हो गए हैं, जहां 745 बसें खड़ी हो सकती हैं, वहीं 755 बसें खड़ी करने के लिए छह डिपो बनाने का काम अंतिम चरण में है, जिसमें हसनपुर डिपो, सुखदेव विहार, कालकाजी, नारायणा व सावदा घेवरा डिपो शामिल हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य 2025 के आखिर तक सड़कों पर कुल 8 हजार इलेक्ट्रिक बसें उतारने का है। इस योजना पर काम होने के बाद दिल्ली में 10 हजार से ज्यादा बसें होंगी। इनमें 80 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक होंगी।
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