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कश्मीर घाटी में बारिश और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित है। इसका असर जम्मू में देखने को मिल रहा है। आधार शिविर यात्रियों से भर गए हैं। नए यात्रियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा। श्रद्धालुओं को अब होटल या फिर आधार शिविर के आसपास के घरों में किराये पर कमरा लेकर रहना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आसाराम आश्रम में ठहराया गया है। रेलवे स्टेशन से आधार शिविर पहुंच रहे श्रद्धालुओं को कहीं और ठहरने के लिए कहा जा रहा है।
शनिवार को बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को आधार शिविर से वापस लौटा दिया गया है।उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी पंकज त्रिपाठी को शनिवार के जत्थे से पवित्र गुफा के दर्शन के लिए जाना था। वह साथियों के साथ आधार शिविर में रहने के बजाय किसी के घर में 1200 रुपये किराया देकर कमरे में रुके थे। सुबह पता चला कि जत्था नहीं जाएगा तो मायूस हो गए। कहा कि जत्था नहीं जाने से निराशा तो है, लेकिन आर्थिक तंगी भी होगी। जब तक यात्रा बहाल नहीं होगी, मजबूरन किराये के कमरे में ही रुकना पड़ेगा, क्योंकि आधार शिविर में अब श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जा रहा। ऐसी ही स्थिति उन सभी श्रद्धालुओं को है, जो किराये के कमरे में रुके हैं।
प्रदर्शन के बाद जाने की दी अनुमति
पुलिस ने भगवती नगर की तरफ जाने वाले चौथे पुल से आगे ई-रिक्शा व ऑटो को जाने की इजाजत नहीं दी। ई-रिक्शा में सवार यात्रियों को आधार शिविर तक पैदल जाने को कहा गया। इस पर यात्री खफा हो गए और उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। यात्रियों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने ई-रिक्शा को भगवती नगर चौक तक जाने की अनुमित दी।
आठ दिन से जम्मू में रुके तीर्थयात्री
कांता बेन गुजरात से हैं, टोकन नहीं मिलने से आठ दिनों से जम्मू में ही हैं। उनका कहना है कि विभाग की व्यवस्था काफी खराब है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को महत्व नहीं दिया जा रहा। गुजरात की ही टीना ने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करवाया था। एक जुलाई को जम्मू पहुंचे थे, तब से पंजीकरण नहीं हो रहा। हम कुल 35 लोग हैं, जिसमें हर किसी को अलग-अलग दिन का पंजीकरण मिल रहा था।
बड़ी मुश्किल से सभी को एक साथ पंजीकरण मिला अब यात्रा की बंद है। रेखा ने कहा कि यात्रा स्थगित होने से श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ती है। चौथे पुल से आगे पुलिस यात्री वाहन नहीं जाने दे रही। एक किमी पैदल चलने को कहा जा रहा है। धर्मेश उत्तर प्रदेश का निवासी हैं। उन्होंने कहा कि पहले टोकन नहीं मिल रहा था, अब टोकन तो मिला, लेकिन यात्रा ही स्थगित हो गई।
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