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सदर अस्पताल में मृतका के परिजन
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के वैशाली में पांच महीने की गर्भवती महिला की निजी अस्पताल में काम करने वाली एक झोलाछाप स्वास्थ्य कर्मी ने जान ले ली। उसने अपने घर में ही मेज पर गर्भवती महिला का अबॉर्शन कर दिया। अबॉर्शन से करीब दो घंटे के अंदर ही महिला को ब्लीडिंग शुरु हो गई। इससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसके बाद झोलाछाप स्वास्थ्य कर्मी ने ही महिला मरीज का यहां-वहां के ग्रामीण डाक्टरों से इलाज करवाया। जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आठ बजे के करीब निजी डाक्टरों ने जबाव दे दिया।
उसके बाद झोलाछाप स्वास्थ्य कर्मी उसे लेकर सदर अस्पताल पहुंची, जहां डाक्टरों ने महिला मरीज को मृत घोषित कर दिया। उसके बाद झोलाछाप स्वास्थ्य कर्मी भागने लगी, जिसे अस्पताल कर्मियों ने पकड़ लिया और घटना की सूचना नगर थाने को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक, मृतका महनार थाना क्षेत्र के लावापुर नारायण निवासी मिथलेश राय की पत्नी जुली देवी (32) है। उसका पति प्रदेश में रहकर किसी कंपनी में मजदूरी का काम करता है। बताया जा रहा है कि मृतका पांच महीने की गर्भवती थी। उसको पहले से तीन बेटियां और एक बेटा है।
जानकारी के अनुसार, मदन चौक से दक्षिण प्यासा गली निवासी जामुन राय की पत्नी पूनम देवी (झोलाझाप स्वास्थ्य कर्मी) ने अवैध रूप से अपने घर में जुली देवी का अबॉर्शन किया था। आरोपी स्वास्थ्य कर्मी पूनम देवी ने बताया कि वह अबॉर्शन करने का काम मात्र 1,500 रुपये में ही कर देती है और 16 सालों से यही काम करती है। उसने कहा कि वह पहले निजी अस्पताल में रहकर साफ-सफाई और मरीजों की देखभाल करती थी। जब काम सीख गए तो घर पर ही काम शुरु कर दिया था।
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