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इंदिरा कुमारी को बधाई देते सभी लोग
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड क्षेत्र के दुबे टोला गांव के महादलित बस्ती निवासी इंदिरा कुमारी पहली ऐसी बेटी है, जिसने मैट्रिक के बाद इंटर की भी परीक्षा पास की है। इंदिरा ने इंटर का एग्जाम फर्स्ट डिवीजन से पास किया है। दरअसल, इंदिरा को ‘बचपन बचाओ आंदोलन’ से प्रेरणा मिली। उसके बाद ज्ञान की लौ से महादलित बस्ती दुबे टोला से अशिक्षा का अंधियारा मिटाते हुए खुद दूसरों को भी प्रेरित करने निकली। अब बाल समिति की सदस्य इंदिरा के जज्बे को सभी सराहना कर रहे हैं।
सभी ने इंदिरा को दी बधाई
परीक्षा परिणाम आने पर ग्रामीणों ने इंदिरा के शिक्षक चंदन मांझी की अगुआई में इंदिरा कुमारी को बधाई दी है। इंदिरा कुमारी ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ शिक्षक चंदन मांझी और बचपन बचाओ आंदोलन को दिया है। महादलित बस्ती के प्रथम स्नातक युवा सह सदस्य बाल संरक्षण समिति चंदन मांझी का कहना है कि इंदिरा के परीक्षा पास होने से गांव में इतिहास लिखा गया है। यह किए अथक प्रयास का परिणाम है।
गांव की लड़कियों को पढ़ने के लिए करती हैं जागरूक
जानकारी के मुताबिक, इंदिरा कुमारी के पिता महेश मांझी तमिलनाडु में मजदूरी करते हैं। वहीं, इंदिरा की मां निर्मला देवी गृहणी हैं। इंदिरा अपने दो भाई और एक बहन में सबसे बड़ी हैं। खास बात यह है कि इंदिरा कुमारी बचपन बचाओ आंदोलन की ओर से गठित बाल समिति की सदस्य हैं। वह अपने गांव की लड़कियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करती हैं। गांव में इंदिरा कुमारी से प्रेरित होकर अन्य अभिभावक भी अपनी बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूक हो चुके हैं।
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