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मृतक पुलिसकर्मी राधेश्याम यादव
– फोटो : अमर उजाला
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बिहार के कैमूर जिले के दुर्गावती स्थानीय थाना क्षेत्र के छाता गांव निवासी पुलिसकर्मी राधेश्याम यादव सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। मौत की खबर लगते ही छाता गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया और परिजनों में चीत्कार मच गया।
जानकारी के अनुसार, राधेश्याम यादव (57) हाजीपुर में पुलिस विभाग में दारोगा के पद पर कार्यरत थे। वह पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन से मोटरसाइकिल से अपने गंतव्य स्थान को जा रहे थे। इसी बीच एक वाहन ने पाटलिपुत्र के पास उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में राधेश्याम गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद उन्हें पटना स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इधर, शुक्रवार को मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीत्कार मच गया। पूरे छाता गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। बताया जा रहा है कि राधेश्याम यादव अपने चार भाइयों में शामिल रामायण यादव, रामाशीष यादव, रामनिवास यादव से उम्र में बड़े थे। वह घर की सभी जिम्मेवारियों को निभाते थे। राधेश्याम की दो बेटियों की शादी हो चुकी है और एक बेटा विनय बिहारी (20) है जो पढ़ाई करता है। राधेश्याम की मौत के बाद परिजनों को परिवार के भरण-पोषण की चिंता सताने लगी है।
बताया जा रहा है कि सभी भाई संयुक्त परिवार के रूप में रहते हैं। सभी भाई राधेश्याम को अपने आदर्श भाई के रूप में देखते थे। उनके कहे अनुसार अनुशासन का पालन करते थे। चारों भाइयों के आपसी प्रेम को देखकर गांव घर के लोग भी सराहना करते थे। खबर लिखे जाने तक उनके दरवाजे पर चाहने वालों/परिचितों की भीड़ शव के आने का इंतजार कर रही थी।
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