Bihar News : नालन्दा में ऐसे हो रही जांच परीक्षा, प्रधानाध्यापिका ने कहा- पूरे बिहार में यही स्थिति

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Bihar : Educational system failed in Nalanda.  examinee examed sitting on the ground.kk pathak

जमीन पर बैठकर परीक्षार्थी दे रहे परीक्षा
– फोटो : अमर उजाला

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एक तरफ शिक्षा विभाग के द्वारा सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर और व्यवस्था में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है वहीं दूसरी तरफ परीक्षा की एक तस्वीर 2015 के मैट्रिक की परीक्षा की याद दिला रही है जिसमें परीक्षार्थी के परिजन दीवार पर चढ़कर बच्चों को नकल करवाते नजर आये थे। यह नजारा है नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड स्थित श्री गांधी प्लस टू उच्च विद्यालय की जहां सोमवार को परीक्षार्थी जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे हैं।

नौवीं से बारहवीं तक ली जा रही जमीन पर बैठकर परीक्षा 

यह नजारा सिलाव प्रखंड स्थित श्री गांधी प्लस टू उच्च विद्यालय सिलाव में देखने को मिला जहां जांच परीक्षा में परीक्षार्थियों को जमीन पर बिठाकर परीक्षा ली जा रही है। सोमवार को 9th से 12th तक के 1479 छात्र- छात्राएं परीक्षा देने पहुँचे, जिनके बैठने के लिए विद्यालय का भवन और बेंच कम पड़ गया। नतीजतन विद्यालय प्रबंधन ने सभी परीक्षार्थियों को बरामदे में जमीन पर ही झुंड में बैठा दिया और उनकी परीक्षा ली गई।

प्रधानाध्यापिका ने कहा- यह स्थिति मेरे ही विद्यालय में नहीं है, पूरे बिहार की है

इस संबंध में प्रभारी प्रधानाध्यापिका रेनू सिन्हा का कहना है कि यह स्थिति मेरे ही विद्यालय में नहीं है, बल्कि पूरे बिहार की यही स्थिति है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था की जानकारी अधिकारी और पदाधिकारी सभी को है। मेरे विद्यालय में यहां पर 6 कमरे हैं और बेंच की काफी कम है। बेंच बनाने का ऑर्डर दिया हुआ है अगली बार इसकी व्यवस्था हो जाएगी। अभी जिस प्रकार की व्यवस्था है उसके अनुरूप कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में बच्चे शत प्रतिशत उपस्थित हो रहे हैं, जिसके कारण भी यह समस्या हुई है।

कुछ दिन पहले आये थे केके पाठक 

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक ने कुछ दिन पूर्व ही श्री गांधी उच्च विद्यालय सिलाव का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के क्रम में विद्यालय में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 20% से भी कम पाई गई थी। इसके अलावे विद्यालय के रखरखाव में भी काफी विसंगतियां मिली थी, जिसको लेकर मुख्य अपर सचिव ने विद्यालय प्रबंधन को फटकार भी लगाईं थी। के के पाठक ने उस विद्यालय की प्रधानाध्यापिका और सभी शिक्षकों  के वेतन को अगले आदेश तक बंद रखने के आदेश दिए थे। केके पाठक ने सख्त निर्देश दिया था कि वर्ग में शत प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति प्रतिदिन होना चाहिए। लेकिन अब तक पढ़ाई के समय वर्ग में बच्चों की उपस्थिति शत प्रतिशत तो नहीं हो सकी है, लेकिन परीक्षा के दिन शत प्रतिशत बच्चे उपस्थित जरुर हो रहे हैं।

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