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भारतीय सार्थक पार्टी को मिला नाव छाप चुनाव चिन्ह
– फोटो : अमर उजाला
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहले मुकेश सहनी के दल विकासशील इंसान पार्टी (VIP) का विधायक छीना था। वहीं, अब पार्टी का चुनाव चिन्ह नाव भी छिन गया है। दरअसल, भारतीय सार्थक पार्टी (BSP) को चुनाव आयोग ने नाव छाप चुनाव चिन्ह दिया है। मुजफ्फरपुर में शनिवार को BSP के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर कुमार ओझा ने प्रेसवार्ता कर यह जानकारी दी।
जानकारी के मुताबिक, जिस नाव छाप के भरोसे मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी आगामी चुनाव में वैतरणी पार करने का दावा कर रही थी। अब उस नाव की सवारी बीएसपी पार्टी करेगी। भारतीय सार्थक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह वरीय अधिवक्ता सुधीर ओझा ने बताया कि उनकी पार्टी एक रजिस्टर्ड पार्टी बन गई है। उनकी पार्टी को नाव छाप चुनाव चिन्ह मिला है। बीएसपी इस बार लोकसभा चुनाव की 40 सीट पर चुनाव लड़ेगी। इनमें 90 प्रतिशत नूनिया, बिंद, बेलदार, मल्लाह और अति पिछड़ा वर्ग से आने वाले लोगों को प्रत्याशी बनाया जाएगा।
यानी कि मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी का चुनाव चिन्ह नाव अब BSP के हाथ में चला गया है। इस वजह से चुनाव से पहले मुकेश सहनी को बड़ा झटका लगा है। वहीं, सुधीर ओझा ने आगे बताया कि बिहार के क्षेत्रीय दलों से वार्ता चल रही है। अगर सहमति बनी और उनके पार्टी के विचारधाराओं को जो क्षेत्रीय दल मानेंगे, उनके साथ में मिलकर भारतीय सार्थक पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेगी।
गौरतलब है कि वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी की पार्टी का चुनाव चिन्ह नाव छाप था, जिसके भरोसे उन्होंने चुनाव भी लड़ा था। उनकी पार्टी से कई विधायक इसी नाव छाप चिन्ह से चुनाव भी जीत कर आए थे। जिस नाव के भरोसे उन्होंने उनकी मांग को पूरा न करने वाली पार्टी को डुबोने की बात कही थी। अब वह अपनी बात पर कैसे टिक पाएंगे, राजनीतिक गलियारों में अब इसी सवाल पर चर्चा हो रही है।
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