गुजरात चुनाव के लिए केजरीवाल का अभियान

राजनीति में दिखावे के लिए भले ही राष्ट्र सेवा और जन सेवा का काम सबसे अहम हो, लेकिन असल में राजनीति शुद्द रूप से और सिर्फ़ चतुराई और शातिरपन का एक ऐसा अलबेला खेल है ,जो जितना चतुर और शातिर हो उतना ही तेजी से सफल होता है। इसीलिए ,अब कम से कम यह समझने में कोई शक नहीं है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जितने सीधे और सरल दिखते है ,असल में वैसे है आदमी नहीं है। केजरीवाल को भाजपाइयों की तरह राष्ट्रवादी और कांग्रेसियो की तरह गांधीवादी जैसे किसी भी निश्चित विचारधारा वाले व्यक्ति के तौर पर मानना भी एक भूल होगी। क्योंकि केजरीवाल की कोशिशों व उन में मिली उनकी कामयाबी का आकलन करे ,तो वे स्वयं को शुद्ध रूप से एक ईमानदार इंसान के रूप में साबित करते है। एक ऐसा व्यक्ति जो बेहद सामान्य तैर तरीकों से आम आदमी के दिलों में उतरने का हर तरीका जानता है.

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