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रामनिवास प्रसाद और डा फराज फातमी।
– फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
लोकसभा चुनाव भले ही 13 मई को दरभंगा लोकसभा में होगा लेकिन राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। इन सब के वावजूद अभी तक इस लोकसभा क्षेत्र किसी पार्टी ने अपना उम्मीदवार के नाम का घोषणा नही किया है। इन सबसे अलावा अभी निवर्तमान सांसद भी यह नही जानते कि दरभंगा लोकसभा से चुनाव कौन लड़ेगा। इस बीच इस्तीफों का दौड़ शुरू हो गया है। सबसे पहले जदयू के कद्दावर मुस्लिम चेहरा कहे जाने वाले पूर्व मंत्री अली अशरफ फातमी ने जदयू से इस्तीफा दिया। उनके इस्तीफा दिए अभी एक सप्ताह भी नही हुआ था कि आज शनिवार को जदयू के दो नेताओं ने भी अपना इस्तीफा जदयू के राष्ट्रीय अधयक्ष को भेज दिया है।
जानिए कौन हैं डॉ फराज फातमी
इस्तीफा देने वालो में पहला नाम है पूर्व मंत्री अली अशरफ फातमी के बेटे और केवटी विधानसभा के पूर्व विधायक डॉ फराज फातमो का है, जबकि दूसरा नाम जाले विधानसभा से कई बार विधायक रह चके रामनिवास प्रसाद हैं जिन्होंने पार्टी और पद दोनों से इस्तीफा दे दिया है। डॉ फातमी केवटी विधानसभा से 2015 के चुनाव राजद की टिकट से चुनाव जीतकर भाजपा के अशोक यादव को हराया था जबकि 2020 के चुनाव जदयू की टिकट पर चुनाव लड़े थे इस चुनाव में उन्हें भाजपा के डा मुरारी मोहन झा से हार का सामना करना पड़ा था।
जानिए कौन हैं रामनिवास प्रसाद
वहीं 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के विजय कुमार मिश्रा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद के रामनिवास प्रसाद को हराकर जाले विधानसभा सीट जीती थी। जबकि अक्टूबर 2005 और फरवरी 2005 में राजद के रामनिवास प्रसाद ने भाजपा के विजय कुमार मिश्रा को हराया। 2000 में बीजेपी के विजय कुमार मिश्रा। 1995 में सीपीआई के अब्दुल सलाम ने कांग्रेस के विजय कुमार मिश्रा को हराया। 1990 में कांग्रेस के विजय कुमार मिश्रा ने सीपीआई के अब्दुल सलाम को हराया। 1985 में कांग्रेस के लोकेश नाथ झा ने सीपीआई के अब्दुल सलाम को हराया। 1980 में सीपीआई ने कांग्रेस के सुशील कुमार झा को हराया। 1977 में जेपी के कपिलदेव ठाकुर ने सीपीआई के खादिम हुसैन को हराया।
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