Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर गोरखनाथ मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब, तस्वीरों में देखें एक झलक

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मकर संक्रांति पर्व रविवार को मनाया जा रहा है। लेकिन, परंपरागत रूप से खिचड़ी का त्योहार 14 जनवरी को मनाने वाले भक्तों की भीड़ शनिवार को गोरखनाथ मंदिर में उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में भक्तों ने गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी चढ़ाई। वहीं रविवार सुबह से ही खिचड़ी चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है।

 

श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए मंदिर प्रबंधन की तरफ से उनके ठहरने की व्यवस्था की गई। इसके लिए यात्री निवास, हिंदू सेवाश्रम, पर्यटक स्थल सहित अन्य स्थानों को यात्रियों को ठहरने के लिए खोल दिया गया है। खिचड़ी मेला को लेकर शुक्रवार की रात ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु गोरखनाथ मंदिर में पहुंच कर डेरा डाल दिए। इसके अलावा दूर-दूर से लोग सुबह से लेकर शाम तक मंदिर पहुंचते रहे।

 

चार बजे भोर में ही चढ़ने लगी खिचड़ी

गोरखनाथ मंदिर में ठहरे भारी संख्या में श्रद्धालु भोर में ही भीम सरोवर में स्नान करने पहुंच गए। स्त्री-पुरुष स्नान करने के बाद मंदिर के बाहर बाबा को खिचड़ी चढ़ाने के लिए भोर में कतार में लग गए। भीम सरोवर में सुरक्षा की दृष्टी से एनडीआरएफ की टीम तैनात की गई थी। इस नाते वहां पर किसी को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने पाई।

 

मंदिर के पुजारियों द्वारा गुरु गोरखनाथ की पूजा के बाद मंदिर का कपाट चार बजे सुबह ही खोल दिया गया। मंदिर का कपाट खुलते ही गुरु गोरखनाथ के जयकारे के साथ लोग बाबा को खिचड़ी चढ़ाने लगे। सुबह ठंड के बाद भीड़ बढ़ती जा रही है। मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि शनिवार को 11 बजे से 2 बजे तक भीड़ इतनी हो गई जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के वालंटियरों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

 

मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मकरसंक्रांति का पर्व भले ही रविवार को है, लेकिन मंदिर में सभी इंतजाम पहले ही कर लिए गए थे। बैरिकेडिंग मुख्य गेट से लेकर गर्भगृह के पास तक किया गया है। महिलाओं और पुरुषों के लिए चार लाइनें बनाई गईं हैं। हर लाइन में बीच-बीच में बैरियर लगाया गया है। ऐसा इस लिए किया गया है कि भीड़ निर्धारित स्थान तक ही जा पाए जब पीछे वालों को आगे जाने की इजाजत मिले तब वह आगे जा पाएं। इस वजह से वहां अफरा तफरी का माहौल नहीं होने पाया।

सुरक्षा के लिए जगह-जगह सीसी टीवी कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस के जवान हर जगह मुस्तैदी से तैनात रहे। मंदिर में भूले-बिछड़े लोगों को मिलाने के लिए लगा कैंप शनिवार को भी काम कर रहा था। वहां पर लगे माइक से लगातार एनाउंस होता रहा। इस लिए किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत नही होने पाई।

 



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