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दिल्ली एमसीडी चुनाव
– फोटो : अमर उजाला
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किस पार्टी के कितने प्रत्याशी मैदान में?
पार्टी प्रत्याशियों की संख्या
भाजपा 250
आप 250
कांग्रेस 247
बसपा 132
एनसीपी 26
जेडीयू 22
एआईएमआईएम 15
सीपीआई (एम) 06
सीपीआई (एमएल) (एल) 05
एआईएफबी 04
आरएलडी 04
सीपीआई 03
आईयूएमएल 01
सपा 01
एलजेपी (रामविलास) 01
निर्दलीय 382
तो कैसे बिगड़ सकता है कईयों का खेल?
इसे समझने के लिए हमने वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार सिंह से बात की। उन्होंने कहा, ‘नगर निगम का चुनाव काफी हद तक प्रत्याशी के व्यक्तिगत चेहरे पर होता है। हालांकि, पार्टी का सहारा मिलने से प्रत्याशी और मजबूत हो जाता है। क्योंकि, तब उसे पार्टी से कई तरह का सपोर्ट मिलता है और काडर के लोग भी उससे जुड़ते हैं।’
सिंह कहते हैं, ‘दिल्ली एमसीडी चुनाव में सीधी लड़ाई भाजपा और आप के बीच है। कुछ जगहों पर कांग्रेस भी कड़ी टक्कर दे रही है। ऐसे में बसपा, एआईएमआईएम, जेडीयू, जैसी पार्टियों के चुनाव लड़ने से मुकाबला काफी रोचक हो जाता है। ये ऐसी पार्टियां हैं, जिनके वोटर्स सेट हैं। मसलन एआईएमआईएम मुसलमानों के बीच लोकप्रिय है और इनके प्रत्याशी भी उन्हीं सीटों पर उतारे गए हैं, जहां मुसलमानों का वोट है। इसी तरह बसपा दलितों के बीच लोकप्रिय है। पिछले कुछ सालों से बसपा की स्थिति जरूर कमजोर हुई है, लेकिन अगर इन्होंने स्थानीय स्तर पर अच्छे उम्मीदवार उतारे होंगे तो इससे भाजपा, आप और कांग्रेस को जरूर नुकसान हो सकता है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘जेडीयू ने 22 और एलजेपी (रामविलास) ने एक सीट पर अपना प्रत्याशी उतारा है। इसी तरह सपा का भी एक प्रत्याशी है। दिल्ली में यूपी-बिहार से आकर बसने वालों की संख्या भी काफी अधिक है। ऐसे में अगर इन पार्टियों ने मजबूत चेहरों को टिकट दिया होगा तो इसका भी भाजपा, आप और कांग्रेस को अलग-अलग सीटों पर अलग-अलग तरह से नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसी परिस्थिति में कई सीटों पर जीत-हार के अंतर में काफी कमी आ जाएगी और मुकाबला कड़ा हो जाएगा।’
139 आपराधिक छवि वाले प्रत्याशी
चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे का अध्ययन करने के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने रिपोर्ट जारी की है। कुल 1349 में से 1336 प्रत्याशियों के रिकॉर्ड चेक किए गए। इनमें से 139 यानी दस प्रतिशत ऐसे प्रत्याशी निकले, जिनपर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 76 पर गंभीर धाराएं लगी हुई हैं।
पिछली बार के मुकाबले इस बार दागी प्रत्याशियों की संख्या में तीन प्रतिशत का इजाफा हुआ है। पिछली बार यानी 2017 में जब दिल्ली एमसीडी के चुनाव हुए थे, तब सात प्रतिशत दागी प्रत्याशी थे। इस बार ये बढ़कर 10 प्रतिशत हो गए हैं। सबसे ज्यादा दागी प्रत्याशी आम आदमी पार्टी के हैं। एडीआर ने आप के 250 में से 248 प्रत्याशियों के हलफनामे की जांच की। इनमें से 18 प्रतिशत यानी 45 दागी निकले। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के 245 प्रत्याशियों की जांच हुई, जिनमें से 11 प्रतिशत आपराधिक छवि वाले निकले। कांग्रेस के 10 प्रतिशत दागी प्रत्याशी हैं।
इसके अलावा एआईएमआईएम, समाजवादी पार्टी, आरएलडी, एनसीपी और बसपा के भी प्रत्याशी दागी हैं। इन पार्टियों के उम्मीदवारों की संख्या कम है। मसलन समाजवादी पार्टी ने केवल एक उम्मीदवार खड़ा किया है और वह भी आपराधिक छवि वाला है। इसके अलावा एआईएमआईएम के 15 प्रत्याशी मैदान में हैं और इनमें से 33 फीसदी आपराधिक छवि वाले उम्मीदवार हैं। आरएलडी के चार उम्मीदवार मैदान में हैं और इनमें से 25 फीसदी पर आपराधिक मामले चल रहे हैं।
556 करोड़पति लड़ रहे चुनाव
दिल्ली एमसीडी का चुनाव लड़ रहे 1349 में 556 करोड़पति प्रत्याशी हैं। मतलब इनके पास एक करोड़ या इससे अधिक की संपत्ति है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 151 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनके पास पांच करोड़ या इससे अधिक की संपत्ति है। 217 प्रत्याशियों के पास दो से पांच करोड़ रुपये की दौलत है और 365 के पास 50 लाख से दो करोड़ रुपये तक। 320 प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जिनके पास 10 से 50 लाख रुपये तक की संपत्ति है। 283 प्रत्याशियों के पास दस लाख रुपये से कम दौलत है।
पिछली बार यानी 2017 के मुकाबले करोड़पति प्रत्याशियों की संख्या में 12 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। 2017 में कुल 30 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति की श्रेणी में थे, जो इस बार बढ़कर 42 प्रतिशत हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के 250 में से 162, आप के 148, कांग्रेस के 107 प्रत्याशी करोड़पति हैं।
अगर सबसे अमीर प्रत्याशी की बात करें तो इसका श्रेय भाजपा के रामदेव शर्मा को जाता है। रामदेव के पास कुल 66 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। वह सेंट्रल दिल्ली के 79 वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं। अमीरों की सूची में दूसरे नंबर पर नंदिनी शर्मा का नाम है। नंदिनी के पास कुल 49 करोड़ रुपये की दौलत है। नंदिनी भी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं हैं। तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के जितेंद्र बंसाला हैं। बंसाला के पास कुल 48 करोड़ से ज्यादा की दौलत है।
विस्तार
दिल्ली नगर निगम के सभी 250 वार्डों के पार्षद के लिए आज वोट पड़ेंगे। ये चुनाव काफी रोचक है, क्योंकि नगर निगम के परिसीमन बदलने के बाद पहली बार मतदान हो रहा है। इसके लिए कुल 1349 प्रत्याशियों ने चुनावी मैदान में ताल ठोकी है। इनमें निर्दलीय के साथ-साथ भाजपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के प्रत्याशी भी शामिल हैं। लेकिन कई ऐसी पार्टियों के प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में उतरे हैं, जो दिल्ली में ज्यादा एक्टिव नहीं रहते हैं। ऐसे में इस बार एमसीडी चुनाव में ये प्रत्याशी बड़ी पार्टियों का खेल जरूर बिगाड़ सकते हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन सी पार्टी के कितने उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं?
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