Meerut : नेपाल में भी पुलिस को चकमा देकर भागा शातिर ‘वीरू’, वारदात के लिए नाम बदलकर फर्जी आधार कार्ड बनवाए

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उत्तर प्रदेश के मेरठ में बिल्डर प्रदीप गुप्ता की कोठी में लूट करने वाला नेपाली नौकर बहुत शातिर है। इस वारदात को अंजाम देकर वह मेरठ से नेपाल आसानी से पहुंच गया था। उसे ढूंढते हुए मेरठ पुलिस पड़ोसी देश पहुंची, लेकिन आरोपी वहां भी चकमा देकर भाग गया।

वहीं, पुलिस को जानकारी मिली है कि नेपाली नौकर का असली नाम बल बहादुर धामी है, जोकि नेपाल के डोटी जिले के लश्कर गांव का निवासी है। साथ ही उसके पड़ोसी गांव लेकोट निवासी लाल सिंह भी वारदात में शामिल था। यह दोनों ही अपने घर से फरार हो गए हैं।

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पुलिस के मुताबिक नौकर ने नकदी और जेवरात को नेपाल में ठिकाने लगा दिया है। वह और उसके साथी नेपाल में अपने घर सोमवार शाम को ही पहुंच गए थे। शुक्रवार सुबह मेरठ पुलिस आरोपियों को ढूंढती हुए स्थानीय पुलिस को साथ लेकर उनके गांव पहुंची। यहां मेरठ पुलिस को गांव के बाहर बैठा दिया गया। पुलिस गांव के बाहर बैठी रही और आरोपी घर से फरार हो गया। ऐसा ही दूसरे आरोपी के गांव में हुआ। तीसरे आरोपी का नाम पता अभी पुलिस को नहीं लगा। 

पुलिस का कहना कि नेपाली नौकर के गांव में कई लोग शातिर अपराधी हैं। ये लोग भारत में अलग अलग जिलों में आकर वारदात करते हैं और फिर लौट जाते हैं। अब पुलिस नौकरों के असली नाम और फोटो से मिलान करने में जुटी है। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस से सहयोग मांग रही है कि आरोपियों को जल्द पकड़वाया जाए।

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आरोपी और उसके साथी नेपाल में फोन चला रहे हैं। उनका दूसरा नंबर भी पुलिस को मिला है। नेपाल में उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए स्थानीय पुलिस से सहयोग मांगा जा रहा है, लेकिन वे नहीं दे रहे हैं। पुलिस अफसरों से लेकर नेताओं तक सिफारिश का दौर चल रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों की काफी जानकारी जुटा दी है। 

अमृतसर में भी कर चुका वारदात 

नेपाल जाने के बाद पुलिस को पता चला कि आरोपी पंजाब के अमृतसर में एक कारोबारी के यहां पर आरोपी वारदात कर चुका है। अमृतसर की पुलिस गांव में आई थी, लेकिन आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा और न सामान दिया गया। इसके अलावा आरोपी के गांव में केरल, तमिलनाडु समेत कई राज्यों की पुलिस भी आई थी, बावजूद आरोपी नहीं पकड़े जाते। 

एसटीएफ कार्यालय और एसएसपी आवास पहुंचे प्रदीप  

शुक्रवार को पीड़ित प्रदीप गुप्ता पुलिस लाइन स्थित एसटीएफ कार्यालय पहुंचे। एएसपी बृजेश सिंह से मुलाकात की और घटना का खुलासा कर सामान बरामद करने की मांग की। एएसपी ने भी बताया कि आरोपी की तलाश में उनकी भी टीम लगी है। शाम को प्रदीप ने एसएसपी आवास पर उनसे मुलाकात की। वह बोले, सामान बरामद होने पर ही वह बेटी की शादी कर पाएंगे।

नाम बदलकर फर्जी आधार कार्ड बनवाए

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने नाम बदलकर कई फर्जी आधार कार्ड अलग-अलग राज्य से बनवाए हैं। लखीमपुर खीरी और गुरुग्राम से उसके आधार कार्ड फर्जी तरीके से बने हैं। आधार कार्ड कैसे बन गए, इसकी शिकायत भी संबंधित जिले के अधिकारियों से की गई है। इनमें प्रधान से लेकर अन्य अफसरों की लापरवाही सामने आई है।



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