[ad_1]

Mukhtar Ansari Death
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
बांदा व चित्रकूट जेल में भी मुख्तार के सुपुर्दे खाक होने के वक्त मुस्लिम बंदियों ने मगफिरत की अल्लाह से दुआ की। बांदा जेल में मुख्तार अंसारी लंबे समय तक रहा। वर्ष 2016 में आने के बाद कुछ दिनों के लिए पंजाब गया और फिर वापस बांदा जेल आ गया। जेल के बंदी उसे बेहद पसंद करते थे। वजह की वह रमजान जैसे पर्व पर गरीब बंदियों की मदद करता था।
इसी प्रकार चित्रकूट जेल में उसका बेटा अब्बास और बहू पत्नी निखत रही। वहां भी जेल के बंदी इनके प्रति हमदर्दी रखते थे। सूत्र बताते हैं कि दोनों जेलों में मुख्तार के गाजीपुर में सुपुर्दे खाक होने के वक्त मुस्लिम बंदियों ने मगफिरत के लिए दुआ की। अल्लाह से कहा कि उसके गुनाहों को माफ कर जन्नत ले जा। हालांकि बांदा के जेल अधिकारी इस बात से इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्तार के सुपुर्दे खाक कार्यक्रम को बंदी टीवी पर ही देखते रहे।
[ad_2]
Source link