स्थानीय निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के लिए योगी सरकार ने आयोग गठित किया है। बिजनौर में नजीबाबाद निवासी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज राम अवतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
नजीबाबाद निवासी सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी राम अवतार सिंह के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यूपी के निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग आरक्षण निर्धारित किया जाएगा।
निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को लेकर छिड़ी बहस में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए ओबीसी आरक्षण के लिए पांच सदस्य आयोग गठित किया है। हाईकोर्ट इलाहाबाद के सेवानिवृत्त जज नजीबाबाद निवासी रामअवतार सिंह को योगी सरकार ने आयोग का अध्यक्ष बनाया।
सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी रामअवतार सिंह ने बताया कि शासन ने उनसे आयोग से संबंधित सहमति ली थी। आयोग के अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त आईएएस चौब सिंह वर्मा, महेंद्र कुमार, भूतपूर्व विधि परामर्शी संतोष कुमार विश्वकर्मा और पूर्व अपर विधि परामर्शी व अपर जिला जज बृजेश कुमार सोनी को आयोग में शामिल किया गया है।
सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी राम अवतार सिंह मूलरूप से नजीबाबाद के गांव सराय आलम के रहने वाले हैं। पिता स्वर्गीय ओमन सिंह किसान थे। किसान पुत्र राम अवतार सिंह बुलंदशहर, बलरामपुर और पीलीभीत में जिला जज रहे। 2011 में सेवानिवृत्त होने से पूर्व दो वर्ष तक हाईकोर्ट इलाहाबाद में न्यायमूर्ति रहे।
बताया गया कि उनके दो पुत्र अनुज प्रताप सिंह और मनोज प्रताप सिंह व एक बेटी डॉ. अंजलि हैं। बड़े पुत्र अनुज प्रताप सिंह की बीमारी से लगभग एक वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है।
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स्थानीय निकाय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के लिए योगी सरकार ने आयोग गठित किया है। बिजनौर में नजीबाबाद निवासी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज राम अवतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
नजीबाबाद निवासी सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी राम अवतार सिंह के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यूपी के निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग आरक्षण निर्धारित किया जाएगा।
निकाय चुनाव में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण को लेकर छिड़ी बहस में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए ओबीसी आरक्षण के लिए पांच सदस्य आयोग गठित किया है। हाईकोर्ट इलाहाबाद के सेवानिवृत्त जज नजीबाबाद निवासी रामअवतार सिंह को योगी सरकार ने आयोग का अध्यक्ष बनाया।