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आचार्य प्रमोद कृष्णम महाराज
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस से निष्कासन के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने रविवार को कहा कि राम और राष्ट्र पर कोई समझौता नहीं हो सकता। कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कृष्णम ने कहा कि उन्हें छह के बजाय भगवान राम की तरफ 14 साल के लिए निष्कासित किया जाना चाहिए।
मीडिया से पता चला कि पता चला कि कांग्रेस पार्टी ने एक पत्र जारी किया है। इसमें केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि मुझे पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित कर दिया गया है। मैं पार्टी से मुक्त करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व को धन्यवाद देता हूं। पूछना चाहता हूं कि कौन सी गतिविधियां पार्टी के खिलाफ थीं।
कृष्णम ने पार्टी विरोधी गतिविधि के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान राम का नाम लेना, अयोध्या जाना, श्री कल्कि धाम की नींव रखना या नरेंद्र मोदी जी से मिलना क्या पार्टी विरोधी गतिविधि है। कांग्रेस नेतृत्व को बताना चाहिए कि ऐसी कौन सी चीजें हैं जो पार्टी विरोधी गतिविधियां हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे पुरानी पार्टी द्वारा लिए गए कई फैसलों से वह सहमत नहीं थे। इनमें अनुच्छेद 370 व तीन तलाक को निरस्त करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। जब डीएमके नेताओं ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से की तो कांग्रेस को उनका भी समर्थन नहीं करना चाहिए था। राम और राष्ट्र पर कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
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