Uttarakhand: अगले तीन दिन बारिश-बर्फबारी के आसार, शीतलहर का प्रकोप, 15 जनवरी तक प्रदेश के सभी स्कूल बंद

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उत्तराखंड में मैदान से लेकर पहाड़ तक मौसम की मार पड़ने वाली है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मंगलवार से लेकर अगले तीन दिनों तक पहाड़ से लेकर मैदान तक जहां हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं , वहीं तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी होने की भी संभावना है। 

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वहीं, प्रदेश में शीतलहर के बढ़ते प्रकोप के चलते कक्षा एक से 12 वीं तक के सभी स्कूल 15 जनवरी तक बंद रहेंगे। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किया गया है। शिक्षा सचिव ने शिक्षा महानिदेशक को दिए निर्देश में कहा, प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है, जिसे देखते हुए राज्य के सभी सरकारी, अशासकीय एवं निजी स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। कहा, निर्देश का कड़ाई से पालन किया जाए।

शासन के निर्देश के बाद शिक्षा महानिदेशालय की ओर से भी निर्देश जारी कर दिया गया है। प्रदेश के सरकारी पर्वतीय क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षा विभाग की ओर से पहले ही 26 दिसंबर 2022 से 31 जनवरी 2023 तक शीतकाल अवकाश घोषित किया गया है, जबकि मैदानी क्षेत्रों के स्कूलों में एक जनवरी 2022 से 13 जनवरी 2023 तक अवकाश घोषित किया गया था, लेकिन अत्यधिक ठंड से शासन ने अब सभी स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने निर्णय लिया है। 

मौसम विज्ञानियों की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम के बदले मिजाज का असर सबसे अधिक असर जोशीमठ के उन हजारों लोगों पर पड़ेगा जो पहले से ही भू धंसाव के चलते जबरदस्त विस्थापन के संकट का सामना कर रहे हैं। इतना ही नहीं मौसम विज्ञानियों ने अगले 24 घंटे के भीतर हरिद्वार और उधमसिंहनगर में शीतलहर के साथ ही घने कोहरे की भी संभावना जताई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक, मंगलवार को जहां मैदान से लेकर पहाड़ तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और जबरदस्त ठंड पड़ने के आसार हैं, वहीं बुधवार और गुरुवार को चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। जबकि देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर जैसे जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।

इतना ही नहीं मौसम के बदले मिजाज के चलते होने वाली बारिश से तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मौसम के बदले मिजाज के चलते प्रशासन और जिला प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

बता दें कि फिलहाल इस साल अब तक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय नहीं होने से बारिश के साथ ही बर्फबारी का नजारा देखने को नहीं मिला है। लेकिन अब जबकि एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार हैं तो बारिश के साथ ही बर्फबारी की संभावना भी है।



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