अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन: शिमला से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में हो रहा हार्ट सेल पर शोध, नजर आएगा आईएसएस

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अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन- फाइल फोटो

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– फोटो : अमर उजाला

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में हार्ट सेल पर शोध हो रहा है। इसमें अमेरिका, रूस, कजाकिस्तान और जापान के सात वैज्ञानिक शामिल हैं। दरअसल, चार दिसंबर को शिमला से दो दिन तक अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) नजर आएगा। यह पहले दिन एक मिनट, दूसरे दिन दो और एक मिनट के लिए दो बार नजर आएगा। यह जानकारी नासा की ओर से जारी की गई है।  

चार दिसंबर को यह अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन शाम 6:35 बजे एक मिनट के लिए उत्तर दिशा में 10 डिग्री से 14 डिग्री के बीच नजर आएगा। इसी तरह से पांच दिसंबर को यह शाम 5:48 बजे दो मिनट के लिए 10 डिग्री पर उत्तर-उत्तर-पूर्व से पूर्वोत्तर की ओर जाता हुआ दिखेगा। पांच दिसंबर को यह शाम 7:23 बजे पश्चिमोत्तर में 10 डिग्री से 16 डिग्री की ओर एक मिनट के लिए जाता हुआ दिखेगा।

माइक्रोग्रेविटी में कार्डियोवस्कुलर स्वास्थ्य पर होगा अध्ययन
इस अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में माइक्रोग्रेविटी में कार्डियोवस्कुलर स्वास्थ्य पर अध्ययन होगा। अध्ययन यह होगा कि स्टेम सेल से निकाली हुई हार्ट सेल का स्पेस में किस तरह से प्रभाव पड़ेगा। वे इनके उपचार की दवाओं पर भी प्रयोग करेंगे। एक्पीडिशन 68 नामक अंतरिक्ष यात्रियों के इस आईएसएस में बैठे दल में सात वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। ये अमेरिका, रूस, कजाकिस्तान और जापान से ताल्लुक रखते हैं। इस एक्पीडिशन का यह मिशन सितंबर 2022 में शुरू हुआ है और यह मार्च 2023 तक चलेगा।

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में हार्ट सेल पर शोध हो रहा है। इसमें अमेरिका, रूस, कजाकिस्तान और जापान के सात वैज्ञानिक शामिल हैं। दरअसल, चार दिसंबर को शिमला से दो दिन तक अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) नजर आएगा। यह पहले दिन एक मिनट, दूसरे दिन दो और एक मिनट के लिए दो बार नजर आएगा। यह जानकारी नासा की ओर से जारी की गई है।  

चार दिसंबर को यह अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन शाम 6:35 बजे एक मिनट के लिए उत्तर दिशा में 10 डिग्री से 14 डिग्री के बीच नजर आएगा। इसी तरह से पांच दिसंबर को यह शाम 5:48 बजे दो मिनट के लिए 10 डिग्री पर उत्तर-उत्तर-पूर्व से पूर्वोत्तर की ओर जाता हुआ दिखेगा। पांच दिसंबर को यह शाम 7:23 बजे पश्चिमोत्तर में 10 डिग्री से 16 डिग्री की ओर एक मिनट के लिए जाता हुआ दिखेगा।

माइक्रोग्रेविटी में कार्डियोवस्कुलर स्वास्थ्य पर होगा अध्ययन

इस अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में माइक्रोग्रेविटी में कार्डियोवस्कुलर स्वास्थ्य पर अध्ययन होगा। अध्ययन यह होगा कि स्टेम सेल से निकाली हुई हार्ट सेल का स्पेस में किस तरह से प्रभाव पड़ेगा। वे इनके उपचार की दवाओं पर भी प्रयोग करेंगे। एक्पीडिशन 68 नामक अंतरिक्ष यात्रियों के इस आईएसएस में बैठे दल में सात वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। ये अमेरिका, रूस, कजाकिस्तान और जापान से ताल्लुक रखते हैं। इस एक्पीडिशन का यह मिशन सितंबर 2022 में शुरू हुआ है और यह मार्च 2023 तक चलेगा।



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