अखिलेश यादव को सीबीआई का नोटिस: खनन मामले में गवाह के तौर पर किया गया तलब, सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल

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CBI notice to Akhilesh Yadav in Mining case, increased stir in political circles

अखिलेश यादव
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को खनन मामले में सीबीआई ने तलब किया है। वह 29 फरवरी को केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने पेश होंगे। सपा सरकार में हमीरपुर में हुए अवैध खनन के मामले में तत्कालीन डीएम समेत 11 लोगों पर मामला दर्ज किया था। सपा मुखिया अखिलेश यादव को लोकसभा चुनाव से पहले सीबीआई का समन जारी होने के बाद फिर से इस मामले में सियासी हलचल तेज हो गई। हालांकि कई सफेद पोश नेता भाजपा की शरण ले चुके हैं।

अवैध मौरंग खनन मामले में  सीबीआई ने वर्ष 2016 में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया था। जिसमें हमीरपुर की पूर्व जिलाधिकारी आईएएस बी चंद्रकला, पूर्व सपा एमएलसी रमेश मिश्रा, उनके भाई दिनेश मिश्रा, अशोक सचान, पूर्व खनन अधिकारी मुईनउद्दीन, संजय दीक्षित, सत्यदेव दीक्षित, राम औतार, आदिल खान, अंबिका तिवारी उर्फ बबलू समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

क्या था मामला 

सपा सरकार में जिले में तैनात रही तत्कालीन डीएम बी चंद्रकला ने अपनी तैनाती के समय मौरंग कारोबारी रमेश मिश्रा को नियमों की अनदेखी कर मौरंग खनन के पट्टे किए थे। जिन्हें कुछ समय बाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। मौरंग के यह पट्टे नियमों के विरुद्ध थे, जबकि ई-टेडरिंग से मौरंग के पट्टे किए जाने का प्रावधान था। इसी तरह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित की मां माया देवी के नाम पर भी कई मौरंग खनन के पट्टे थे। अवैध खनन मामले के याचिकाकर्ता विजय कुमार द्विवेदी एडवोकेट ने बताया कि सभी पट्टे गलत तरीके से किए गए थे। जिन्हें हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। कहा कि अभी वह जनपद से बाहर हैं।

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