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अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी
– फोटो : अमर उजाला
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बीडीएस के लिए दो बार की काउंसलिंग के बाद भी डेंटल कॉजेलों में 50 फीसदी सीटें खाली रह गई हैं। अब इन सीटों को भरने के लिए अटल मेडिकल एंड रिसर्च विवि की ओर से अंतिम राउंड की काउंसलिंग करवाई जाएगी। विवि के अनुसार विभिन्न कॉलेजों में करीब 1,116 सीटें खाली बची हुई हैं। इनमें सबसे अधिक सीटें हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसिज पांवटा साहिब सिरमौर में खाली पड़ी हुई हैं। इस संस्थान में कुल 100 में से 47 सीटें खाली हैं। इनमें एचपी कोटे की 38 और मैनेजमेंट कोटा की 9 सीटें खाली बची हुई हैं।
इसके साथ ही हिमाचल डेंटल कॉलेज सुंदरनगर में 60 में से 32 सीटें खाली हैं। इनमें एचपी कोटे की 11 और मैनेजमेंट कोटे की 21 सीटें हैं। भोजिया कॉलेज एंड हॉस्पिटल नालागढ़ में कुल 60 सीटों में से 17 एचपी कोटा की जबकि मैनेजमेंट कोटे की 11 सीटें खाली पड़ी हुई हैं। इसी प्रकार राजकीय डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल शिमला में नौ सीटें बीडीएस की खाली पड़ी हैं। इनमें एचपी कोटे की नौ और एनआरआई कोटे की दो सीटें खाली हैं। अटल मेडिकल विवि के परीक्षा नियंत्रक डॉॅ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि जल्द ही मॉप अप राउंड में इन सीटों को भरा जाएगा।
मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की नौ सीटें खाली
प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस की नौ सीटें खाली रह गई हैं। इनको भी मॉप अप राउंड में भरा जाएगा। इनमें आईजीएमसी शिमला में एमबीबीएस की तीन सीटें हैं। इनमें एचपी कोटे की एक और एनआरआई की दो सीटें रिक्त हैं। डॉ राधाकृष्ण मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में तीन सीटें हैं। इनमें एक एचपी कोटे से और दो एनआरआई कोटे की हैं। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में भी तीन सीटें हैं। इनमें एचपी की एक और एनआरआई कोटे की तीन सीटें रिक्त पड़ी हैं।
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