अपराजिता: छोटी बचत से तय किया कारोबारी बनने तक का सफर; पढ़ें- सीमा सिंह के संघर्ष की कहानी

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Seema Singh struggled to build spices business in Bareilly

सीमा सिंह
– फोटो : अमर उजाला

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उद्यमी वह होता है, जिसमें साहस हो उद्यम करने का। कहने को तो यह महज परिभाषा है, लेकिन अपराजिता के तहत आज के अंक में हम आपके सामने एक ऐसी महिला की कहानी लाए हैं, जिन्होंने बस एक ख्वाब पूरा करने के लिए खुद के अलावा परिवार और क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया।

ग्रामीण क्षेत्रों में गृहिणियां अक्सर हल्दी, मिर्च, मसालों से ऊपर नहीं उठ पातीं। बरेली के ग्राम बेनीपुर सादात की रहने वाली सीमा को जब यही मसाले अपनी दुनिया लगने लगे तो इसी को अपने कारोबार का जरिया बना लिया। सीमा बताती हैं कि उनके मसालों की गुणवत्ता और साथ की महिलाओं के सहयोग ने उन्हें एक सफल कारोबारी बनने में मदद की। गांव की महिला के लिए यह बड़ा ख्वाब था। चुनौतियां आना लाजमी था, लेकिन इन सब को पार करते हुए, बचत के जुटाए हुए पैसों से सीमा ने आखिरकार अपनी सफलता की इबारत लिखी।

कहां से आया विचार

सीमा बताती हैं कि वह 16 लोगों के संयुक्त परिवार में रहती हैं। शुरू से ही कारोबार करने की इच्छा थी  लेकिन उस वक्त नहीं हो सका। करीब डेढ़ साल पहले घर की अन्य महिलाओं को राजी किया। उनके साथ अपनी बचत से जोड़े हुए कुछ पैसों से साबुत मसालों को कूट-पीसकर काम शुरू किया। आस पास की महिलाएं भी जुड़ने लगीं तो समूह से आर्थिक सहायता मिली। इसकी मदद से काम को आगे बढ़ाने में मदद मिली। इसके बाद मशीनें आदि लगाकर बड़े स्तर पर काम किया।

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